फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   बस के बिना रुके होगा टोलटैक्स का पेमेंट

बस के बिना रुके होगा टोलटैक्स का पेमेंट

Tue, 13 Jun 2017 12:35 AM IST
Updated Tue, 13 Jun 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
बस के बिना रुके होगा टोलटैक्स का पेमेंट
परिवहन निगम ने किया कैशलेस टोल भुगतान
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। परिवहन निगम की बसें आधुनिक हो गई हैं। अब टोल टैक्स पर कैशलेस भुगतान होगा। टोल प्लाजा पर आए दिन होने वाली चिक-चिक से चालक-परिचालकों को निजात मिल गई है। अब उन्हें नगद पैसे देने के लिए नहीं रुकना पड़ेगा। टोल टैक्स चुकाने के लिए फास्टटैग सिस्टम लगाया गया है। टोल प्लाजा पर पहुंचते ही पेमेंट खुद कट जाएगा। वहीं, बस के डीजल टैंक को विशेष प्रकार के आरएफआइडी सिस्टम से जोड़ा गया है। इससे एक क्लिक पर बस के डीजल टैंक में कितना तेल बाकी है, इसकी जानकारी पलभर में मिल सकेगी।
अभी तक टोल प्लाजा पर निगम की बस के चालक-परिचालक को टैक्स देना पड़ता है। यह भुगतान कैश के रूप में देना पड़ता था। खुले पैसों को लेकर टोल प्लाजा के कर्मचारियों और चालक में बहस भी होती रहती थी। इस चिक-चिक से मुक्ति पाने के लिए परिवहन निगम ने ऑनलाइन भुगतान करने की योजना तैयार की है। परिवहन निगम ने नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के तहत एक्सिस बैंक से करार किया है। जिसके चलते बैंक की ओर से डिपो को बारकोड वाले फास्टटैग वाले स्टीकर दिए गए हैं। बारकोड में बस की पूरी डिटेल फीड की गई है। अब जैसे ही बस टोल प्लाजा पर पहुंचेगी, यहां लगी विशेष मशीन इसे ट्रैस कर भुगतान चुकता कर लेगी। इसके साथ ही डिपो से मिलने वाले डीजल को भी खास रिंग से जोड़ा गया है। बस के डीजल टैंक पर लगे आरएफआईडी रिंग के माध्यम से बस में डीजल डाला जाएगा। इसके बाद बस में कितना पर्याप्त डीजल बाकी है और कितना खत्म हो गया है, इसकी जानकारी भी अधिकारी ऑफिस में बैठकर ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे डिपो पर होने वाली डीजल में धांधली और चालक-परिचालक के फरेब को भी पकड़ा जा सकेगा। डिपो पर तीन दिन में 12 हजार लीटर का टैंक खाली होता है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि डिपो की सभी बसों पर फास्टटैग लगा दिया गया है। इससे टोल प्लाजा पर अब कैश से भुगतान करने के झंझट से मुक्ति मिल गई है। वहीं, डीजल टैंक पर भी विशेष प्रकार की रिंग लगाकर इसे ऑनलाइन किया गया है।
विज्ञापन

ऐसे काम करता है आरएफआईडी रिंग
बस के डीजल टैंक पर एक रिंग ज्वाइंट किया गया है, जो इंटरनेट के माध्यम से विभागीय पोर्टल पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन डिवाइस से जुड़ा है। डिपो के डीजल पंप के नोजल पर भी डिवाइस लगी है। टैंक में डीजल पहुंचते ही रिंग एक्विेट होगा। बस कितने किलोमीटर दौड़ी और कितना डीजल खर्च हो रहा है। इसकी सटीक जानकारी होगी। एआरएम समेत शासन स्तर से भी डिवाइस में फीस बस का नंबर, रूट आदि डीजल की मात्रा की जानकारी देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

16 अंकों के कोड़ में पूरी जानकारी
मुजफ्फरनगर। बस के ड्राइवर सीट की तरह शीशे पर लगे फास्टटैग स्टीकर पर 16 अंकों का बारकोड दिया गया है। इस पर टोल प्लाजा कर्मी एक विशेष लाइट मारकर बस की डिटेल जान लेगा। बार कोड में बस का नंबर, कहां से कहां तक जाएगी और उसका टोल प्लाजा पर कौन सा चक्कर पड़ रहा है। यह जानकारी कोड से उठाई जाएगी। एक्सिस बैंक हर माह निगम से पैसा लेकर टोल प्लाजा को भुगतान करेगा।

165 लीटर का एक टैंक
निगम की एक बस का डीजल टैंक 165 लीटर का है। डिपो से रोजाना प्रत्येक बस का टैंक फुल किया जाता है। क्योंकि अमूमन एक लीटर में बस पांच किलोमीटर का सफर करती है। इसके चलते बस का टैंक फुल किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed