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वाहन पंजीकरण में फर्जीवाड़े पर बढ़ाई सतर्कता
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वाहनों के पंजीकरण में फर्जीवाड़े पर बढ़ाई सतर्कता
मुजफ्फरनगर। प्रदेश में वाहनों के पंजीकरण और लाइसेंस बनवाने में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जिले के वाहन स्वामियों को भी सतर्क किया जा रहा है। कुछ जिलों में फर्जी वेबसाइट के जरिये ऑनलाइन आवेदन लेकर फीस जमा कराई गई है। जब आवेदकों के पंजीकरण और लाइसेंस नहीं बने तो मामले का खुलासा हुआ।
परिवहन विभाग में वाहनों का पंजीकरण कराने, लाइसेंस बनवाने आदि के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इसके लिए विभाग की वेबसाइट ‘परिवहन डॉट जीओवी डॉट इन/परिवहन’ संचालित है। बताया जाता है कि बरेली और अलीगढ़ जनपदों में फर्जी वेबसाइट ‘आरटीओ ऑनलाइन डाट कॉम’ पर आवेदन लिए गए और फीस भी जमा कराई गई। जब आवेदकों के पंजीकरण और लाइसेंस नहीं बने तो उन्होंने संबंधित जिलों में एआरटीओ कार्यालयों में संपर्क किया। वहां से इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। एआरटीओ प्रशासन राजीव बंसल ने बताया कि जिले में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभागीय वेबसाइट ‘परिवहन डॉट जीओवी डॉट इन/परिवहन’ पर ही आवेदन किए जाएं।
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश में वाहनों के पंजीकरण और लाइसेंस बनवाने में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जिले के वाहन स्वामियों को भी सतर्क किया जा रहा है। कुछ जिलों में फर्जी वेबसाइट के जरिये ऑनलाइन आवेदन लेकर फीस जमा कराई गई है। जब आवेदकों के पंजीकरण और लाइसेंस नहीं बने तो मामले का खुलासा हुआ।
परिवहन विभाग में वाहनों का पंजीकरण कराने, लाइसेंस बनवाने आदि के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इसके लिए विभाग की वेबसाइट ‘परिवहन डॉट जीओवी डॉट इन/परिवहन’ संचालित है। बताया जाता है कि बरेली और अलीगढ़ जनपदों में फर्जी वेबसाइट ‘आरटीओ ऑनलाइन डाट कॉम’ पर आवेदन लिए गए और फीस भी जमा कराई गई। जब आवेदकों के पंजीकरण और लाइसेंस नहीं बने तो उन्होंने संबंधित जिलों में एआरटीओ कार्यालयों में संपर्क किया। वहां से इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। एआरटीओ प्रशासन राजीव बंसल ने बताया कि जिले में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभागीय वेबसाइट ‘परिवहन डॉट जीओवी डॉट इन/परिवहन’ पर ही आवेदन किए जाएं।
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