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उतम आकिंचन धर्म की आराधना की
Updated Sun, 23 Sep 2018 12:20 AM IST
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खतौली। जैन मंदिरों में शनिवार को श्रद्धालुओं ने आकिंचन धर्म की आराधना की। इस दौरान आयोजित धार्मिक सभा में आकिंचन धर्म के बारे में बताया गया।
जैन मंडी मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में डा. ज्योति जैन ने कहा कि आज हम उत्तम आकिंचन धर्म की पूजा अर्चना कर रहे हैं। हमें जीवन में शांति प्राप्ति के लिए आवश्यकता सीमित करने के लिए ध्यान देना होगा। अधिक आवश्यकता पूर्ति की लालसा मानव जीवन को अशांत करती है। स्वाध्याय चित्त को निर्मल करता है। भारतीय संस्कृति के गुण ग्रहण करने के प्रति विदेशियों का आकर्षण बढ़ रहा है। आचार्य विद्या सागर की प्रेरणानुसार स्वदेश वस्तुओं का प्रयोग जीवन में बढ़ना है। भगवान महावीर और महात्मा गांधी के आकिंचन सिद्धांत का आज पालन करना समय की आवश्यकता है। मेरे से अतिरिक्त कुछ भी मेरा नहीं है। इस भाव को आकिंचन कहते हैं।
भागीरथी मंदिर में समयसार महामंडल विधान को निर्देशन अरुण जैन नंगली वालों ने किया। जक्की वाला मंदिर में छवि जैन व संगीता जैन ने धार्मिक प्रश्न मंच व तम्बोलागेम कराया। पीसनोपाड़ा व सराफान में धार्मिक पाठ व शास्त्र सभा हुई। इस अवसर पर अशोक शास्त्री, आदीश प्रवक्ता, अनीता, अजय प्रवक्ता, जयभगवान, अकलंक, राहुल, नवीन, सर्वेश, पंकज, मनोज, विनीत, संजीव, निशा, आयुषी, रजनी प्रवक्ता, इंद्र प्रवक्ता, मुकेश एडवोकेट, राजीव बैंक, हितेश, निर्मला, राजरानी, गीता, सुषमा, नीरज प्रवक्ता आदि मौजूद रहे।
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जैन मंडी मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में डा. ज्योति जैन ने कहा कि आज हम उत्तम आकिंचन धर्म की पूजा अर्चना कर रहे हैं। हमें जीवन में शांति प्राप्ति के लिए आवश्यकता सीमित करने के लिए ध्यान देना होगा। अधिक आवश्यकता पूर्ति की लालसा मानव जीवन को अशांत करती है। स्वाध्याय चित्त को निर्मल करता है। भारतीय संस्कृति के गुण ग्रहण करने के प्रति विदेशियों का आकर्षण बढ़ रहा है। आचार्य विद्या सागर की प्रेरणानुसार स्वदेश वस्तुओं का प्रयोग जीवन में बढ़ना है। भगवान महावीर और महात्मा गांधी के आकिंचन सिद्धांत का आज पालन करना समय की आवश्यकता है। मेरे से अतिरिक्त कुछ भी मेरा नहीं है। इस भाव को आकिंचन कहते हैं।
भागीरथी मंदिर में समयसार महामंडल विधान को निर्देशन अरुण जैन नंगली वालों ने किया। जक्की वाला मंदिर में छवि जैन व संगीता जैन ने धार्मिक प्रश्न मंच व तम्बोलागेम कराया। पीसनोपाड़ा व सराफान में धार्मिक पाठ व शास्त्र सभा हुई। इस अवसर पर अशोक शास्त्री, आदीश प्रवक्ता, अनीता, अजय प्रवक्ता, जयभगवान, अकलंक, राहुल, नवीन, सर्वेश, पंकज, मनोज, विनीत, संजीव, निशा, आयुषी, रजनी प्रवक्ता, इंद्र प्रवक्ता, मुकेश एडवोकेट, राजीव बैंक, हितेश, निर्मला, राजरानी, गीता, सुषमा, नीरज प्रवक्ता आदि मौजूद रहे।
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