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इस बार नहीं चलेंगे साधारण ईंट-भट्ठे
Updated Fri, 03 Aug 2018 01:00 AM IST
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इस बार नहीं चलेंगे साधारण ईंट-भट्ठे
मुजफ्फरगनर। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के मद्देनजर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 22 जिलों में परंपरागत साधारण ईंट-भट्ठों के संचालन पर रोक लगा दी है। मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के 22 जनपदों में इस बार केवल हाई ड्राफ्ट यानि जिग-जैग भट्ठे ही चल पाएंगे।
देश की राजधानी दिल्ली गत वर्ष स्मॉग के रूप में वायु प्रदूषण का सबसे खतरनाक रूप से दो-चार हुई थी। कई दिन तक राजधानी में स्मॉग छाए रहने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उक्त घटना से सबक लेते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जिनमें से एक परंपरागत साधारण ईंट-भट्ठों को लेकर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर डॉक्टर डीएस खरात द्वारा जारी किए गए पत्र की मानें तो मुजफ्फरनगर व मेरठ समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के 22 जिलों में आगामी सीजन में केवल हाई ड्राफ्ट यानि जिग-जैग ईंट-भट्टों का ही संचालन किया जाएगा। आंदोलन जन कल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इस संबंध में एनसीआर के सभी 22 जिलों के डीएम समेत अन्य अफसरों को पत्र जारी करते हुए वायु प्रदूषण को कम करने के लिए जो भी आवश्यक हो, जीआरएपी के तहत उसे लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मुजफ्फरनगर में कम हैं हाई ड्राफ्ट ईंट भट्ठा
मुजफ्फरनगर। जनपद में वर्तमान समय में कम ही ईंट-भट्ठा हाई ड्राफ्ट यानि जिग-जैग है। यहां मौजूद अधिकांश ईंट-भट्ठों को परंपरागत रूप से ही चलाया जाता है, जिनमें ईंधन के रूप में लकड़ी के साथ ही शुगर मिल की मैली, जूते-चप्पल व अन्य वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है। इसके चलते ईंट-भट्ठों से ईंटें पकने के कई माह तक जबरदस्त वायु प्रदूषण होता है। वहीं, हाई ड्रॉफ्ट भट्ठों को अत्याधुनिक तकनीक के साथ ही बेहतर ईंधन यानि कोयला आदि से चलाया जाता है।
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मुजफ्फरगनर। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के मद्देनजर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 22 जिलों में परंपरागत साधारण ईंट-भट्ठों के संचालन पर रोक लगा दी है। मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के 22 जनपदों में इस बार केवल हाई ड्राफ्ट यानि जिग-जैग भट्ठे ही चल पाएंगे।
देश की राजधानी दिल्ली गत वर्ष स्मॉग के रूप में वायु प्रदूषण का सबसे खतरनाक रूप से दो-चार हुई थी। कई दिन तक राजधानी में स्मॉग छाए रहने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उक्त घटना से सबक लेते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जिनमें से एक परंपरागत साधारण ईंट-भट्ठों को लेकर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर डॉक्टर डीएस खरात द्वारा जारी किए गए पत्र की मानें तो मुजफ्फरनगर व मेरठ समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के 22 जिलों में आगामी सीजन में केवल हाई ड्राफ्ट यानि जिग-जैग ईंट-भट्टों का ही संचालन किया जाएगा। आंदोलन जन कल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इस संबंध में एनसीआर के सभी 22 जिलों के डीएम समेत अन्य अफसरों को पत्र जारी करते हुए वायु प्रदूषण को कम करने के लिए जो भी आवश्यक हो, जीआरएपी के तहत उसे लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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मुजफ्फरनगर में कम हैं हाई ड्राफ्ट ईंट भट्ठा
मुजफ्फरनगर। जनपद में वर्तमान समय में कम ही ईंट-भट्ठा हाई ड्राफ्ट यानि जिग-जैग है। यहां मौजूद अधिकांश ईंट-भट्ठों को परंपरागत रूप से ही चलाया जाता है, जिनमें ईंधन के रूप में लकड़ी के साथ ही शुगर मिल की मैली, जूते-चप्पल व अन्य वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है। इसके चलते ईंट-भट्ठों से ईंटें पकने के कई माह तक जबरदस्त वायु प्रदूषण होता है। वहीं, हाई ड्रॉफ्ट भट्ठों को अत्याधुनिक तकनीक के साथ ही बेहतर ईंधन यानि कोयला आदि से चलाया जाता है।
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