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जीएसी के विरोध में उतरे व्यापारी
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:47 AM IST
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जीएसी के विरोध में उतरे व्यापारी
मुजफ्फरनगर। शहर के व्यापरी जीएसटी के विरोध में उतर आए हैं। एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी के विरोध व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। कई समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जीएसटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कहा कि पीएम ने विश्वास दिलाया था कि जीएसटी में कोई फार्म या कोई जांच का प्रावधान नहीं किया जाएगा, लेकिन व्यापारियों से सलाह लिए बिना ही जीएसटी लागू करने का काम हो रहा है। देश में कई स्थानों पर मोबाइल सिग्नल व इंटरनेट सेवाओं का अभाव है, पूर्ण बिजली भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जीएसटी से माल का चालाना बनाने में बड़ी दिक्कते आएंगी। वर्तमान जीएसटी से भ्रष्टाचार और इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी के सभी कार्य और सूचनाएं अंग्रेजी में ही होने की अनिवार्यता खत्म होनी चाहिए। ई-वेबिल की व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि अधिकांश व्यापारियों पर कंप्यूटर चलाना नहीं आता है। ऐसे में वो चालान नहीं भर पाएंगे। व्यापारियों ने जीएसटी का सरलीकरण करने के साथ ऑनलाइन व्यवस्था को खत्म करने कीम मांग की है। प्रदर्शन में राजकुमार नरूला, अशोक कंसल, श्याम सिंह सैनी, राकेश गर्ग, पवन सिंघल, अजय सिंघल, सुनील तायल, बाबूराम मलिक, स. सुलक्खन सिंह, विजय शुक्ला, संजय मित्तल, अवध बिहारी मित्तल आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। शहर के व्यापरी जीएसटी के विरोध में उतर आए हैं। एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी के विरोध व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। कई समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जीएसटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कहा कि पीएम ने विश्वास दिलाया था कि जीएसटी में कोई फार्म या कोई जांच का प्रावधान नहीं किया जाएगा, लेकिन व्यापारियों से सलाह लिए बिना ही जीएसटी लागू करने का काम हो रहा है। देश में कई स्थानों पर मोबाइल सिग्नल व इंटरनेट सेवाओं का अभाव है, पूर्ण बिजली भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जीएसटी से माल का चालाना बनाने में बड़ी दिक्कते आएंगी। वर्तमान जीएसटी से भ्रष्टाचार और इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी के सभी कार्य और सूचनाएं अंग्रेजी में ही होने की अनिवार्यता खत्म होनी चाहिए। ई-वेबिल की व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि अधिकांश व्यापारियों पर कंप्यूटर चलाना नहीं आता है। ऐसे में वो चालान नहीं भर पाएंगे। व्यापारियों ने जीएसटी का सरलीकरण करने के साथ ऑनलाइन व्यवस्था को खत्म करने कीम मांग की है। प्रदर्शन में राजकुमार नरूला, अशोक कंसल, श्याम सिंह सैनी, राकेश गर्ग, पवन सिंघल, अजय सिंघल, सुनील तायल, बाबूराम मलिक, स. सुलक्खन सिंह, विजय शुक्ला, संजय मित्तल, अवध बिहारी मित्तल आदि मौजूद रहे।
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