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80 फीसदी किसानों को दिया मुआवजा, रेलवे दोहरीकरण के कार्य में आई तेजी
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:21 AM IST
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ट्रेन
- फोटो : amar ujala
रेलवे परिवहन से माल ढुलाई के लिए तैयार की जाने वाली फ्रेट कॉरिडोर के लिए किसानों की भूमि पर कब्जा लेने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। डीएफसीसी फरवरी माह से अधिग्रहित की गई भूमि पर कब्जा लेना प्रारंभ कर देगा। इस निर्माण परियोजना के लिए करीब 80 फीसदी किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि अभी तक भूमि रेलवे के अधीन नहीं हो सकी है।
दिल्ली से टपरी तक डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का कार्य किया जाना है। इसके लिए जनपद के करीब 50 से अधिक गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसके लिए रेलवे बोर्ड की डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसी) ने भूमि का अधिग्रहण कार्य पूर्ण किया है।
किसानों ने उचित मुआवजे को लेकर कई बार विरोध प्रकट किया है। इसके चलते डीएफसीसी मुआवजा का वितरण कर रही है, मगर भूमि पर कब्जा नहीं लिया जा सकेगा है। रेलवे दोहरीकरण का कार्य तेज होने के साथ फ्रेट कॉरिडोर बिछाने की तैयारियां भी शुरू हो गई है।
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इसके लिए अधिग्रहीत की गई भूमि पर फरवरी से कब्जा लेना शुरू किया जाएगा। इस कार्य के लिए जनपद के करीब 100 से अधिक गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसमें हजारों किसानों की भूमि शामिल है। विरोध के चलते डीएफसीसी ने 80 फीसदी किसानों का मुआवजा चुकता कर दिया है, ताकि भूमि पर कब्जा लेते समय कोई रुकावट खड़ी न हो सके।
भूमि अध्यापित अधिकारी (एसएलओ) एवं एडीएम वित्त सियाराम ने बताया कि डीएफसीसी के लिए किसानों की भूमि पर कब्जा लेने की तैयारियां चल रही हैं। रेलवे की डीएफसीसी फरवरी माह से भूमि को अपने अधीन लेने का कार्य शुरु करेगी।
अधिकांश किसानों का मुआवजा दिया जा चुका है। उधर, भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि अभी आधे किसानों को भूमि का मुआवजा मिल सका है। उचित मुआवजा नहीं मिलने तक कोरिडोर का कार्य नहीं करने दिया जाएगा।
दोहरीकरण के काम में आई तेजी
मुजफ्फरनगर। दिल्ली डिवीजन के दिल्ली-टपरी वाया मेरठ-सहारनपुर मंडल की रेलवे लाइन पर दोहरीकरण के कार्य में तेजी आ गई है। खतौली तक दोहरीकरण पूरा कर लिया गया है, जबकि अब मंसूरपुर, नरा-जड़ौदा और जनपद की सीमा में आने वाले पुलों, रेलवे ट्रैक के बिछाने के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। यह निर्माण कार्य जून तक पूर्ण करना है।
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दिल्ली से टपरी तक डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का कार्य किया जाना है। इसके लिए जनपद के करीब 50 से अधिक गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसके लिए रेलवे बोर्ड की डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसी) ने भूमि का अधिग्रहण कार्य पूर्ण किया है।
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किसानों ने उचित मुआवजे को लेकर कई बार विरोध प्रकट किया है। इसके चलते डीएफसीसी मुआवजा का वितरण कर रही है, मगर भूमि पर कब्जा नहीं लिया जा सकेगा है। रेलवे दोहरीकरण का कार्य तेज होने के साथ फ्रेट कॉरिडोर बिछाने की तैयारियां भी शुरू हो गई है।
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इसके लिए अधिग्रहीत की गई भूमि पर फरवरी से कब्जा लेना शुरू किया जाएगा। इस कार्य के लिए जनपद के करीब 100 से अधिक गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसमें हजारों किसानों की भूमि शामिल है। विरोध के चलते डीएफसीसी ने 80 फीसदी किसानों का मुआवजा चुकता कर दिया है, ताकि भूमि पर कब्जा लेते समय कोई रुकावट खड़ी न हो सके।
भूमि अध्यापित अधिकारी (एसएलओ) एवं एडीएम वित्त सियाराम ने बताया कि डीएफसीसी के लिए किसानों की भूमि पर कब्जा लेने की तैयारियां चल रही हैं। रेलवे की डीएफसीसी फरवरी माह से भूमि को अपने अधीन लेने का कार्य शुरु करेगी।
अधिकांश किसानों का मुआवजा दिया जा चुका है। उधर, भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि अभी आधे किसानों को भूमि का मुआवजा मिल सका है। उचित मुआवजा नहीं मिलने तक कोरिडोर का कार्य नहीं करने दिया जाएगा।
दोहरीकरण के काम में आई तेजी
मुजफ्फरनगर। दिल्ली डिवीजन के दिल्ली-टपरी वाया मेरठ-सहारनपुर मंडल की रेलवे लाइन पर दोहरीकरण के कार्य में तेजी आ गई है। खतौली तक दोहरीकरण पूरा कर लिया गया है, जबकि अब मंसूरपुर, नरा-जड़ौदा और जनपद की सीमा में आने वाले पुलों, रेलवे ट्रैक के बिछाने के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। यह निर्माण कार्य जून तक पूर्ण करना है।