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समय पर परचियां नहीं मिलने से मंदे में बेचना पड़ रहा गन्ना
Updated Sun, 15 Apr 2018 12:28 AM IST
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चरथावल।
चरथावल क्षेत्र में गन्ना माफिया के सक्रिय होने से क्षेत्र के किसानों को समय से पर्चियां नहीं मिल पा रही है। इसका नुकसान यह हो रहा है कि गन्ना मंदे भाव में बेचना पड़ रहा है। उधर, दूधली केंद्र पर समय से पर्चियां नहीं मिलने से किसानों ने हंगामा किया।
गन्ने की फसल की बंपर पैदावार के बावजूद मिलों के मनमाने रवैये और गन्ना माफिया के हावी होने से किसान मायूस है। दूधली गांव में देवबंद के तीन और थानाभवन बजाज मिल का एक केंद्र है। लेकिन सभी पर इंडेंट की कमी से किसान परेशान है। खेत खाली करने के कारण किसान भैंसा बुग्गी में गन्ना लादकर केंद्रों पर जाता है और बिना तौल के लौट जाता है। पहले से कोई जानकारी किसानों को गन्ना तौल की नहीं दी जाती। सबसे बेहतर मानी जानी वाली प्रजाति 3436 को एक किसान ने बिचौलिए को सिर्फ 225 प्रति क्विंटल पर बेचना पड़ा। किसान योगेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, महेंद्र सिंह कहते है कि जब पर्चियों की कमी है, तो बिचौलिए का गन्ना कैसे खरीदा जा रहा है। तौल क्लर्क की सांठगांठ के चलते चरथावल, नंगला राई और लुहारी खुर्द में बिचौलियों के कारण कम कीमतों पर गन्ना खरीद हो रही है। किसान हंगामा करने के बाद बिना समस्या हल हुए बैरंग लौटने को मजबूर है। किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी जनप्रतिनिधि की कोई दिलचस्पी नहीं है। किसान उदय सिंह, रोढ़ा त्यागी, असलम त्यागी कहते है कि जिन किसानों के पास मिलों का सट्टा नहीं है। ज्यादातर वहीं किसान गन्ना माफिया के शिकार हो रहे है।
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चरथावल क्षेत्र में गन्ना माफिया के सक्रिय होने से क्षेत्र के किसानों को समय से पर्चियां नहीं मिल पा रही है। इसका नुकसान यह हो रहा है कि गन्ना मंदे भाव में बेचना पड़ रहा है। उधर, दूधली केंद्र पर समय से पर्चियां नहीं मिलने से किसानों ने हंगामा किया।
गन्ने की फसल की बंपर पैदावार के बावजूद मिलों के मनमाने रवैये और गन्ना माफिया के हावी होने से किसान मायूस है। दूधली गांव में देवबंद के तीन और थानाभवन बजाज मिल का एक केंद्र है। लेकिन सभी पर इंडेंट की कमी से किसान परेशान है। खेत खाली करने के कारण किसान भैंसा बुग्गी में गन्ना लादकर केंद्रों पर जाता है और बिना तौल के लौट जाता है। पहले से कोई जानकारी किसानों को गन्ना तौल की नहीं दी जाती। सबसे बेहतर मानी जानी वाली प्रजाति 3436 को एक किसान ने बिचौलिए को सिर्फ 225 प्रति क्विंटल पर बेचना पड़ा। किसान योगेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, महेंद्र सिंह कहते है कि जब पर्चियों की कमी है, तो बिचौलिए का गन्ना कैसे खरीदा जा रहा है। तौल क्लर्क की सांठगांठ के चलते चरथावल, नंगला राई और लुहारी खुर्द में बिचौलियों के कारण कम कीमतों पर गन्ना खरीद हो रही है। किसान हंगामा करने के बाद बिना समस्या हल हुए बैरंग लौटने को मजबूर है। किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी जनप्रतिनिधि की कोई दिलचस्पी नहीं है। किसान उदय सिंह, रोढ़ा त्यागी, असलम त्यागी कहते है कि जिन किसानों के पास मिलों का सट्टा नहीं है। ज्यादातर वहीं किसान गन्ना माफिया के शिकार हो रहे है।
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