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लेखपाल भवन की बिल्डिंग से नपेगा वायु प्रदूषण
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:37 AM IST
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लेखपाल भवन की बिल्डिंग से नपेगा वायु प्रदूषण
मुजफ्फरनगर।
शहर की आबोहवा में प्रदूषण नापने के लिए मशीन लगाई गई है। यह मशीन वायु प्रदूषण की मॉनिटरिंग करेगी, जो 24 घंटे में रिकार्ड एकत्र कर अपने पास सुरक्षित रखेगी। इससे रोजाना शहर की हवा में घूमने वाले प्रदूषण के कणों की जानकारी हो सकेगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सदर तहसील के लेखापाल भवन की बिल्डिंग पर यह मशीन लगाई है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) शहरों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आपत्ति दर्ज की है। औद्योगिक इकाइयों के साथ वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण हवा में जहरीले तत्व घूम रहे हैं। इसके चलते हवा में जहरीला पन जांचने के लिए एनजीटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हर सप्ताह वायु प्रदूषण की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। ऐसे में जिला एनसीआर में शामिल होने के बावजूद यह रिकार्ड सुरक्षित नहीं रख पा रहा था, क्योंकि क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की केवल एक मात्र मशीन उसके कार्यालय पर स्थापित थी, जबकि दूसरी मशीन लगाने के लिए जगह नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गई। पहले मशीन को पीएनबी की बिल्डिंग पर लगाने की तैयारी की गई, मगर यहां से भी बोर्ड को निराशा मिली। इसके बाद डॉकघर पर लगाने की प्लानिंग की गई। यहां भी बोर्ड के अफसरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। अब कड़ी मशक्कत के बाद वायु गुणवत्ता परखने के लिए मशीन को सदर तहसील में लगाया गया है। ये मशीन लेखपाल भवन की बिल्डिंग पर लगाया गया है, यहां से अब रोजाना बोर्ड अफसर वायु प्रदूषण की जांच कर सकेंगे। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण मापने की मशीन को सदर तहसील के लेखपाल भवन की बिल्डिंग पर लगाया गया है। यहां से वायु में घूमने वाले हानिकारक तत्वों, कणों का पता लगाया जाएगा। इसकी रिपोर्ट रोजाना ली जा सकती है।
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मुजफ्फरनगर।
शहर की आबोहवा में प्रदूषण नापने के लिए मशीन लगाई गई है। यह मशीन वायु प्रदूषण की मॉनिटरिंग करेगी, जो 24 घंटे में रिकार्ड एकत्र कर अपने पास सुरक्षित रखेगी। इससे रोजाना शहर की हवा में घूमने वाले प्रदूषण के कणों की जानकारी हो सकेगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सदर तहसील के लेखापाल भवन की बिल्डिंग पर यह मशीन लगाई है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) शहरों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आपत्ति दर्ज की है। औद्योगिक इकाइयों के साथ वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण हवा में जहरीले तत्व घूम रहे हैं। इसके चलते हवा में जहरीला पन जांचने के लिए एनजीटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हर सप्ताह वायु प्रदूषण की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। ऐसे में जिला एनसीआर में शामिल होने के बावजूद यह रिकार्ड सुरक्षित नहीं रख पा रहा था, क्योंकि क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की केवल एक मात्र मशीन उसके कार्यालय पर स्थापित थी, जबकि दूसरी मशीन लगाने के लिए जगह नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गई। पहले मशीन को पीएनबी की बिल्डिंग पर लगाने की तैयारी की गई, मगर यहां से भी बोर्ड को निराशा मिली। इसके बाद डॉकघर पर लगाने की प्लानिंग की गई। यहां भी बोर्ड के अफसरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। अब कड़ी मशक्कत के बाद वायु गुणवत्ता परखने के लिए मशीन को सदर तहसील में लगाया गया है। ये मशीन लेखपाल भवन की बिल्डिंग पर लगाया गया है, यहां से अब रोजाना बोर्ड अफसर वायु प्रदूषण की जांच कर सकेंगे। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण मापने की मशीन को सदर तहसील के लेखपाल भवन की बिल्डिंग पर लगाया गया है। यहां से वायु में घूमने वाले हानिकारक तत्वों, कणों का पता लगाया जाएगा। इसकी रिपोर्ट रोजाना ली जा सकती है।
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