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शौचालय पूरे बने नहीं, गांव ओडीएफ घोषित
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:54 AM IST
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शौचालय पूरे बने नहीं, गांव ओडीएफ घोषित
जानसठ। गांव सादपुर में ग्रामीणों के पूरे शौचालय नहीं बनने के बाद भी गांव को बीडीओ की ओर से ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, जिसको लेकर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान में रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान ने डीएम को शिकायत भेजकर शौचालय बनवाने की मांग की है।
खतौली ब्लॉक के गांव सादपुर में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत गांव को शौचमुक्त करने के लिए सर्वे कराकर 219 घरों में शौचालयों का निर्माण करने के लिए ग्रामीणों ने आवेदन किए थे। ग्राम प्रधान विपिन चौधरी ने बताया कि गांव में 119 घरों में शौचालय बनाने के लिए अनुदान आया है। इस अनुदान से ग्रामीणों द्वारा अपने घरों में शौचालयों का निर्माण करा दिया गया है। गांव के 100 घरों में बनने वाले शौचालयों का अनुदान नहीं आने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इसके बावजूद भी बीडीओ खतौली ने पूरे गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया है। ग्राम प्रधान विपिन चौधरी ने इसकी शिकायत डीएम से की है। बीडीओ योगेंद्र लाल भारती ने बताया कि 219 ग्रामीणों ने शौचालय के अनुदान के लिए आवेदन किया था। कर्मचारी द्वारा सर्वे कराने के बाद गांव में 119 व्यक्ति पात्र पाए गए थे, जिनके शौचालय का अनुदान उन्हें भेज भेजा गया था। बाकी ग्रामीणों के आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। फिर भी गांव में कोई गरीब व्यक्ति शौचालय बनने से रह गया है, तो सर्वे कराकर उसे अनुदान दिलाकर शौचालय बनवा दिया जाएगा।
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जानसठ। गांव सादपुर में ग्रामीणों के पूरे शौचालय नहीं बनने के बाद भी गांव को बीडीओ की ओर से ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, जिसको लेकर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान में रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान ने डीएम को शिकायत भेजकर शौचालय बनवाने की मांग की है।
खतौली ब्लॉक के गांव सादपुर में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत गांव को शौचमुक्त करने के लिए सर्वे कराकर 219 घरों में शौचालयों का निर्माण करने के लिए ग्रामीणों ने आवेदन किए थे। ग्राम प्रधान विपिन चौधरी ने बताया कि गांव में 119 घरों में शौचालय बनाने के लिए अनुदान आया है। इस अनुदान से ग्रामीणों द्वारा अपने घरों में शौचालयों का निर्माण करा दिया गया है। गांव के 100 घरों में बनने वाले शौचालयों का अनुदान नहीं आने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इसके बावजूद भी बीडीओ खतौली ने पूरे गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया है। ग्राम प्रधान विपिन चौधरी ने इसकी शिकायत डीएम से की है। बीडीओ योगेंद्र लाल भारती ने बताया कि 219 ग्रामीणों ने शौचालय के अनुदान के लिए आवेदन किया था। कर्मचारी द्वारा सर्वे कराने के बाद गांव में 119 व्यक्ति पात्र पाए गए थे, जिनके शौचालय का अनुदान उन्हें भेज भेजा गया था। बाकी ग्रामीणों के आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। फिर भी गांव में कोई गरीब व्यक्ति शौचालय बनने से रह गया है, तो सर्वे कराकर उसे अनुदान दिलाकर शौचालय बनवा दिया जाएगा।
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