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चार साहिबजादों का शहीदी दिवस मनाया
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:58 AM IST
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मुजफ्फरनगर। एमजी पब्लिक स्कूल में सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह की माता गुजरी देवी और चार साहिबजादों का शहीदी दिवस मनाया गया। साहिबजादों की शहादत की कहानी सुनकर सभी भाव-विभोर हो गए। बच्चों ने धर्म और समाज की रक्षा के लिए अन्याय के खिलाफ गुरु गोविंद सिंह के द्वारा किए गए संघर्ष को मंच पर प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में माता गुजरी देवी और चार साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जौरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह का भावपूर्ण स्मरण किया गया। संस्था चेयरमैन सतीश चंद गोयल, सुरेंद्र कुमार सिंधी, वाइस चेयरमैन पुरुषोत्तम सिंघल ने शहीदों के जीवन पर प्रकाश डाला। छात्रा नचिकेता और विदंबरा ने सिख पंथ के इतिहास और गुरु गोविंद सिंह एवं उनके परिवार की शहादत के बारे में बताया। अध्यापिकाओं ने गुरुवाणी प्रस्तुत की। छात्रा-छात्राओं ने भी विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु गोविंद सिंह के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाए। सतीश चंद गोयल ने कहा कि वीर पुरुषों की कहानी युगों युगों तक याद की जाती रहेगी, भारतीय इतिहास महापुरुषों के बलिदान से भरा पड़ा है, लेकिन इतने छोटे बच्चों की कुर्बानियां बलिदान की पराकाष्ठा है। प्रधानाचार्य जीबी पांडे ने बताया कि कहा कि गुरु गोविन्द सिंह ने मानवता की रक्षा का संदेश दिया। बच्चों ने गुरु गोविन्द सिंह के द्वारा 1699 में आनंदपुर साहिब में पंच प्यारे व्यवस्था के साथ ही खालसा पंथ की स्थापना की याद ताजा करते हुए सुंदर प्रस्तुति दी। बच्चों ने पंच प्यारे की भूमिका निभाकर ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारे लगाये। कार्तिक सिंघल, श्री गुरु सिंह सभा के महासचिव हनी सिंह सेखो, गुरजीत सिंह, ज्ञानी हरजीत सिंह, ज्ञानी जोगा सिंह, सतनाम सिंह हंसपाल, सुरजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह कोहली, वजीर सिंह राजा, वजीर सिंह ग्रोवर, परबजोत सिंह रिंकू, देवेंद्र सिंह नागपाल आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में माता गुजरी देवी और चार साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जौरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह का भावपूर्ण स्मरण किया गया। संस्था चेयरमैन सतीश चंद गोयल, सुरेंद्र कुमार सिंधी, वाइस चेयरमैन पुरुषोत्तम सिंघल ने शहीदों के जीवन पर प्रकाश डाला। छात्रा नचिकेता और विदंबरा ने सिख पंथ के इतिहास और गुरु गोविंद सिंह एवं उनके परिवार की शहादत के बारे में बताया। अध्यापिकाओं ने गुरुवाणी प्रस्तुत की। छात्रा-छात्राओं ने भी विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु गोविंद सिंह के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाए। सतीश चंद गोयल ने कहा कि वीर पुरुषों की कहानी युगों युगों तक याद की जाती रहेगी, भारतीय इतिहास महापुरुषों के बलिदान से भरा पड़ा है, लेकिन इतने छोटे बच्चों की कुर्बानियां बलिदान की पराकाष्ठा है। प्रधानाचार्य जीबी पांडे ने बताया कि कहा कि गुरु गोविन्द सिंह ने मानवता की रक्षा का संदेश दिया। बच्चों ने गुरु गोविन्द सिंह के द्वारा 1699 में आनंदपुर साहिब में पंच प्यारे व्यवस्था के साथ ही खालसा पंथ की स्थापना की याद ताजा करते हुए सुंदर प्रस्तुति दी। बच्चों ने पंच प्यारे की भूमिका निभाकर ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारे लगाये। कार्तिक सिंघल, श्री गुरु सिंह सभा के महासचिव हनी सिंह सेखो, गुरजीत सिंह, ज्ञानी हरजीत सिंह, ज्ञानी जोगा सिंह, सतनाम सिंह हंसपाल, सुरजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह कोहली, वजीर सिंह राजा, वजीर सिंह ग्रोवर, परबजोत सिंह रिंकू, देवेंद्र सिंह नागपाल आदि मौजूद रहे।
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