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सीटी स्कैन और एमआरआई पीसीपीएनडीटी के दायर में
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:42 PM IST
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लिंग परीक्षण करने वालों पर एफआईआर होगी
मुजफ्फरनगर। पीसीपीएनडीटी की गठित समिति की शनिवार को पहली मीटिंग हुुई, जिसमें कार्ययोजना के साथ एजेंडों पर विचार मंथन किया गया। मीटिंग में सामने आया कि शाहपुर के चिकित्सक डॉ नीलकांत चौधरी और सदर बाजार के वासु अस्पताल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग एफआईआर दर्ज नहीं करा पाया है, जबकि इन दोनों के विरुद्ध सीजेएम कोर्ट में वाद दायर है। वहीं, जिले में चल रही सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन अब पीसीपीएनडीटी एक्ट में शामिल होंगी। इनका लाइसेंस इसी एक्ट के दायरे मिलेगा।
सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा के निर्देशन में शनिवार को जिले में गठित पीसीपीएनडीटी की समिति की मीटिंग की गई, जिसमें एक्ट के एजेंडों के साथ अनेक कार्य योजना पर मंथन किया गया। मीटिंग में स्वास्थ्य विभाग की नाकामी भी सामने आई है। जिले की कमेटी कार्रवाई के नाम पर अभी तक संशय है। लिंग परीक्षण के आरोप में पकड़े जाने वाले चिकित्सकों पर एफआईआर को कोई कार्य नहीं मिला है, जबकि जिले के शाहपुर में डॉ नीलकांत चौधरी के क्लीनिक पर कार्रवाई कर लिंग परीक्षण होने का संदेह जताया गया, जबकि सदर बाजार में वासु अस्पताल पर हरियाणा की सोनीपत पीसीपीएनडीटी टीम ने कार्रवाई की थी। विभाग इन दोनों ही मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं करा सका है, जबकि सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया है। इसके अलावा मीटिंग में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सीटी स्कैन और एमआईआर मशीन को लेकर लिया गया है। अब सीटी स्कैन और एमआईआर की मशीनों का लाइसेंस भी पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मिलेगी। इसको लेकर वर्तमान में चल रही इन मशीनों के स्वामियों को भी नोटिस भेजकर लाइसेंस की जांच होगी। क्योंकि दिल्ली और मेरठ क्षेत्र में यह मशीनें इसी एक्ट के तहत पंजीकृत है। इन पर भी अलग से कार्रवाई होगी। पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ एसके अग्रवाल ने बताया कि मीटिंग में कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर वार्ता की गई है। सीटी स्कैन, एमआईआर मशीनों के लाइसेंस पीसीपीएनडीटी एक्ट में होंगी। इस पर निर्णय हुआ है। इसके अलावा भी कई मुद्दों पर चर्चा की गई है। एक्ट को जिले में पूर्ण रुप से प्रभावी किया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। पीसीपीएनडीटी की गठित समिति की शनिवार को पहली मीटिंग हुुई, जिसमें कार्ययोजना के साथ एजेंडों पर विचार मंथन किया गया। मीटिंग में सामने आया कि शाहपुर के चिकित्सक डॉ नीलकांत चौधरी और सदर बाजार के वासु अस्पताल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग एफआईआर दर्ज नहीं करा पाया है, जबकि इन दोनों के विरुद्ध सीजेएम कोर्ट में वाद दायर है। वहीं, जिले में चल रही सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन अब पीसीपीएनडीटी एक्ट में शामिल होंगी। इनका लाइसेंस इसी एक्ट के दायरे मिलेगा।
सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा के निर्देशन में शनिवार को जिले में गठित पीसीपीएनडीटी की समिति की मीटिंग की गई, जिसमें एक्ट के एजेंडों के साथ अनेक कार्य योजना पर मंथन किया गया। मीटिंग में स्वास्थ्य विभाग की नाकामी भी सामने आई है। जिले की कमेटी कार्रवाई के नाम पर अभी तक संशय है। लिंग परीक्षण के आरोप में पकड़े जाने वाले चिकित्सकों पर एफआईआर को कोई कार्य नहीं मिला है, जबकि जिले के शाहपुर में डॉ नीलकांत चौधरी के क्लीनिक पर कार्रवाई कर लिंग परीक्षण होने का संदेह जताया गया, जबकि सदर बाजार में वासु अस्पताल पर हरियाणा की सोनीपत पीसीपीएनडीटी टीम ने कार्रवाई की थी। विभाग इन दोनों ही मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं करा सका है, जबकि सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया है। इसके अलावा मीटिंग में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सीटी स्कैन और एमआईआर मशीन को लेकर लिया गया है। अब सीटी स्कैन और एमआईआर की मशीनों का लाइसेंस भी पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मिलेगी। इसको लेकर वर्तमान में चल रही इन मशीनों के स्वामियों को भी नोटिस भेजकर लाइसेंस की जांच होगी। क्योंकि दिल्ली और मेरठ क्षेत्र में यह मशीनें इसी एक्ट के तहत पंजीकृत है। इन पर भी अलग से कार्रवाई होगी। पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ एसके अग्रवाल ने बताया कि मीटिंग में कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर वार्ता की गई है। सीटी स्कैन, एमआईआर मशीनों के लाइसेंस पीसीपीएनडीटी एक्ट में होंगी। इस पर निर्णय हुआ है। इसके अलावा भी कई मुद्दों पर चर्चा की गई है। एक्ट को जिले में पूर्ण रुप से प्रभावी किया जाएगा।
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