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संस्कारित बेटियां बनेगी देश की शान
Updated Mon, 30 Oct 2017 01:18 AM IST
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संस्कारित बेटियां बनेगी देश की शान
भौराकलां (मुजफ्फरनगर)। वैदिक इंटर कालेज में चल रहे आर्य समाज के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन बेटियों को संस्कारित और शिक्षित बनाने का आह्वान किया गया। भजनोपदेशक कुलदीप आर्य ने कहा कि बेटियां घर- परिवार का उजाला है। प्रात: वेद मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गई। भजनोपदेशक कुलदीप आर्य ने कहा कि बेटियां संस्कारी बनेगी, राष्ट्र की भावी पीढ़ी वैदिक आचरण को अपनाकर समाज मे आदर्श स्थापित करेगी। जिस परिवार में नारी का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। ऋषि दयानंद ने समाज सुधार और वैदिक ज्ञान का प्रकाश फैलाने को आर्य समाज की स्थापना की थी। भजनोपदेशक संगीता आर्य ने कहा कि सामाजिक बुराईयों को मिटाने को घर-घर यज्ञ कराये। वेद ईश्वरीय वाणी है। प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने कहा कि युवा सत्य पथ पर आगे बढ़े और अनुशासन, ईमानदारी से जीवन निखारे। आर्य मुनि ने कहा कि महर्षि दयानंद ने अपने त्याग, ब्रह्मचर्य, परिश्रम और वेदों के ज्ञान से सोये भारत को जगाया था। अध्यक्षता किरण मुनि और संचालन ऋषिपाल आर्य ने किया।
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भौराकलां (मुजफ्फरनगर)। वैदिक इंटर कालेज में चल रहे आर्य समाज के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन बेटियों को संस्कारित और शिक्षित बनाने का आह्वान किया गया। भजनोपदेशक कुलदीप आर्य ने कहा कि बेटियां घर- परिवार का उजाला है। प्रात: वेद मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गई। भजनोपदेशक कुलदीप आर्य ने कहा कि बेटियां संस्कारी बनेगी, राष्ट्र की भावी पीढ़ी वैदिक आचरण को अपनाकर समाज मे आदर्श स्थापित करेगी। जिस परिवार में नारी का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। ऋषि दयानंद ने समाज सुधार और वैदिक ज्ञान का प्रकाश फैलाने को आर्य समाज की स्थापना की थी। भजनोपदेशक संगीता आर्य ने कहा कि सामाजिक बुराईयों को मिटाने को घर-घर यज्ञ कराये। वेद ईश्वरीय वाणी है। प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने कहा कि युवा सत्य पथ पर आगे बढ़े और अनुशासन, ईमानदारी से जीवन निखारे। आर्य मुनि ने कहा कि महर्षि दयानंद ने अपने त्याग, ब्रह्मचर्य, परिश्रम और वेदों के ज्ञान से सोये भारत को जगाया था। अध्यक्षता किरण मुनि और संचालन ऋषिपाल आर्य ने किया।