{"_id":"59c6afe54f1c1b8e688b6147","slug":"71506193381-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चालीस फीसदी से ज्यादा युवा डिप्रेशन के शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चालीस फीसदी से ज्यादा युवा डिप्रेशन के शिकार
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य विषय पर गोष्ठी हुई। जिला चिकित्सालय के मनोविशेषज्ञ डॉ. पंकज शर्मा और डॉ. मनोज कुमार ने विद्यार्थियों को मानसिक रोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मानसिक रोगियों के लक्षणों एवं समाधान से अवगत कराया।
डॉ पंकज शर्मा ने कहा कि एक शोध के अनुसार वर्तमान समय में 40 फीसदी से ज्यादा युवा डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। जिसका एक अहम कारण यह है कि वर्तमान समय में हर व्यक्ति एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगा हुआ है, जो धीरे-धीरे उन्हें मानसिक बीमारियों की ओर धकेल रहा है। जिस कारण कई व्यक्ति आत्महत्या जैसा कठोर कदम भी उठा लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक बीमारी के लक्षण जिनमें नींद न आना या देर से नींद आना, उदास या मायूस रहना, चिंता, घबराहट, उलझन रहना, किसी कार्य में मन नहीं लगना, आत्महत्या का विचार आना, बेहोशी के बार-बार दौरे आना, बेवजह किसी पर शक करना, सिर में ज्यादा समय तक दर्द रहना आदि के बारे में बताया।
डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि ब्लूू व्हेल गेम, एक गेम न होकर आज के समय में सबसे बड़ी मानसिक बीमारी का रूप ले रहा है, जिसकी गिरफ्त में तनावग्रस्त एवं अवसाद ग्रस्त लोग आसानी से आ जाते हैं। ब्लूव्हेल गेम उन लोगों को फोकस करता है जो अपनी हर छोटी-बड़ी चीजें सोशल नेटवर्किंग साइट पर शेयर करते रहते हैं। ब्लूव्हेल गेम के माध्यम से ऐसे ही लोगों को लिंक भेजा जाता है। अगर कोई बहुत ज्यादा मोबाइल प्रयोग करता है, अपनों से कटा रहता है, अपनों से बात नहीं करता, व्यवहार में अचानक बदलाव आना, ये तमाम लक्षण यह दर्शाते हैं कि व्यक्ति किसी मानसिक रोग से ग्रस्त है। विभागाध्यक्ष डॉ. विजय शर्मा ने मानसिक रोग के बारे बताया। रवि गौतम, डॉ पूनम शर्मा, वैशाली गर्ग, राकेश कुमार, डॉ. रविंद्र, नियति पंडित, चारू शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ पंकज शर्मा ने कहा कि एक शोध के अनुसार वर्तमान समय में 40 फीसदी से ज्यादा युवा डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। जिसका एक अहम कारण यह है कि वर्तमान समय में हर व्यक्ति एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगा हुआ है, जो धीरे-धीरे उन्हें मानसिक बीमारियों की ओर धकेल रहा है। जिस कारण कई व्यक्ति आत्महत्या जैसा कठोर कदम भी उठा लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक बीमारी के लक्षण जिनमें नींद न आना या देर से नींद आना, उदास या मायूस रहना, चिंता, घबराहट, उलझन रहना, किसी कार्य में मन नहीं लगना, आत्महत्या का विचार आना, बेहोशी के बार-बार दौरे आना, बेवजह किसी पर शक करना, सिर में ज्यादा समय तक दर्द रहना आदि के बारे में बताया।
विज्ञापन
डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि ब्लूू व्हेल गेम, एक गेम न होकर आज के समय में सबसे बड़ी मानसिक बीमारी का रूप ले रहा है, जिसकी गिरफ्त में तनावग्रस्त एवं अवसाद ग्रस्त लोग आसानी से आ जाते हैं। ब्लूव्हेल गेम उन लोगों को फोकस करता है जो अपनी हर छोटी-बड़ी चीजें सोशल नेटवर्किंग साइट पर शेयर करते रहते हैं। ब्लूव्हेल गेम के माध्यम से ऐसे ही लोगों को लिंक भेजा जाता है। अगर कोई बहुत ज्यादा मोबाइल प्रयोग करता है, अपनों से कटा रहता है, अपनों से बात नहीं करता, व्यवहार में अचानक बदलाव आना, ये तमाम लक्षण यह दर्शाते हैं कि व्यक्ति किसी मानसिक रोग से ग्रस्त है। विभागाध्यक्ष डॉ. विजय शर्मा ने मानसिक रोग के बारे बताया। रवि गौतम, डॉ पूनम शर्मा, वैशाली गर्ग, राकेश कुमार, डॉ. रविंद्र, नियति पंडित, चारू शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन