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विषाक्त खिचड़ी खाने से दंपति व 9 बच्चों की तबियत बिगड़ी
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:31 AM IST
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विषाक्त भोजन से दंपति और नौ बच्चे बीमार
जानसठ। विषाक्त खिचड़ी खाने से दंपति और उनके नौ बच्चों की तबियत बिगड़ गई। परिवार के लोगों ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने इनको जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। विषाक्त खिचड़ी खाने को लेकर दंपति व बच्चों की हालत को देखकर लोगों में दहशत फैल गई।
मोहल्ला काजियान निवासी नौशाद पुत्र सईद व उसकी पत्नी शबीना ने मंगलवार को रोजा रखा। शबीना ने रोजा इफ्तार के लिए पति व दस बच्चों को खाने के लिए खिचड़ी बनाई थी। खिचड़ी बनाते समय उसमें छिपकली गिर गई। इसका शबीना को भी पता नहीं चल सका था। रोजा इफ्तार में नौशाद व उसकी पत्नी शबीना, 17 वर्षीय शानू, 4 वर्षीय अल्तमस, 6 वर्षीय अयान, 9 वर्षीय सानिया, 7 वर्षीय दानिश, 11 वर्षीय फारूक समेत नौ बच्चों ने इस विषाक्त खिचड़ी को खाया। परिवार में मात्र एक बच्चे ने इस खिचड़ी को नहीं खाया था। इस बच्चे की तबियत ठीक है। पति व बच्चों के खिचड़ी खाने के बाद ही जिस बर्तन में खिचड़ी बनाई थी, उसमें शबीना को मरी हुई छिपकली देखाई दे गई। खिचड़ी में मरी हुई खिचड़ी का पता लगते ही दंपति व बच्चों का जी मिचलाने लगा और उल्टी लगनी प्रारंभ हो गई। परिवार के लोगों ने दंपति व 9 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सक अजय कुमार प्राथमिक उपचार के लिए सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के बजाए मुजफ्फरनगर के एक प्राइवेट अस्पताल में सभी को भर्ती कराया है। विषाक्त खिचड़ी खाने को लेकर मोहल्ले के लोगों में भी दहशत व्याप्त हो गई है।
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जानसठ। विषाक्त खिचड़ी खाने से दंपति और उनके नौ बच्चों की तबियत बिगड़ गई। परिवार के लोगों ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने इनको जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। विषाक्त खिचड़ी खाने को लेकर दंपति व बच्चों की हालत को देखकर लोगों में दहशत फैल गई।
मोहल्ला काजियान निवासी नौशाद पुत्र सईद व उसकी पत्नी शबीना ने मंगलवार को रोजा रखा। शबीना ने रोजा इफ्तार के लिए पति व दस बच्चों को खाने के लिए खिचड़ी बनाई थी। खिचड़ी बनाते समय उसमें छिपकली गिर गई। इसका शबीना को भी पता नहीं चल सका था। रोजा इफ्तार में नौशाद व उसकी पत्नी शबीना, 17 वर्षीय शानू, 4 वर्षीय अल्तमस, 6 वर्षीय अयान, 9 वर्षीय सानिया, 7 वर्षीय दानिश, 11 वर्षीय फारूक समेत नौ बच्चों ने इस विषाक्त खिचड़ी को खाया। परिवार में मात्र एक बच्चे ने इस खिचड़ी को नहीं खाया था। इस बच्चे की तबियत ठीक है। पति व बच्चों के खिचड़ी खाने के बाद ही जिस बर्तन में खिचड़ी बनाई थी, उसमें शबीना को मरी हुई छिपकली देखाई दे गई। खिचड़ी में मरी हुई खिचड़ी का पता लगते ही दंपति व बच्चों का जी मिचलाने लगा और उल्टी लगनी प्रारंभ हो गई। परिवार के लोगों ने दंपति व 9 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सक अजय कुमार प्राथमिक उपचार के लिए सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के बजाए मुजफ्फरनगर के एक प्राइवेट अस्पताल में सभी को भर्ती कराया है। विषाक्त खिचड़ी खाने को लेकर मोहल्ले के लोगों में भी दहशत व्याप्त हो गई है।
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