शिविर में 53 रोगियों का परीक्षण किया
मुजफ्फरनगर। भारतीय कर्ण रोग संस्थान की ओर से तनेजा हॉस्पिटल में 233वॉ बहरापन निवारण शिविर ‘अंतरराष्ट्रीय बहरापन बचाव’ सप्ताह के उपलक्ष्य में लगाया गया। शिविर का उद्घाटन भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कुशपुरी और प्रवीण खेड़ा ने किया। शिविर में 53 रोगियों का परीक्षण किया गया।
डॉ. एमके तनेजा ने बताया कि आज पांच प्रतिशत जनसंख्या बहरापन से ग्रस्त हैं, जो कि 2050 तक बढ़कर 10 प्रतिशत हो जाएगी और अनुमानित 250 करोड़ को सुनने में कठिनाई तथा 70 करोड़ को बहरापन के इलाज की आवश्यकता होगी। इसमें से 100 युवा होंगे जो मोबाइल फोन तथा ऊंची आवाज के म्यूजिक के कारण प्रभावित होंगे। डॉ. तनेजा ने बताया कि आज व्यक्ति दीर्घायु होने के कारण बुढ़ापे की बीमारियां, जिसमें बहरापन भी है बढ़ रही है। डॉ. तनेजा ने बताया कि शोध में पाया गया कि मोबाइल फोन, वाईफाई के अधिक प्रयोग से ब्रेनट्यूमर, केलसट्रोल का बढ़ा होना, खून की कमी होना तथा विटामिन डी की कमी भी बहरापन को बढ़ाती है। जीवन शैली में बदलाव तथा प्राणायाम विशेषरूप से भ्रामरी प्राणायाम के निरंतर प्रयोग से बढ़ते बहरेपन को निश्चित रूप से रोका जा सकता है।