{"_id":"5a8725504f1c1b91268baaa5","slug":"51518806352-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा के विकास से देश विकसित होगा: गुप्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा के विकास से देश विकसित होगा: गुप्ता
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा के विकास से देश विकसित होगा: गुप्ता
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ राजीव गुप्ता ने कहा कि विकसित राष्ट्र के लिए शिक्षा व्यवस्था का विकसित होना जरूरी है। वह एसडी कॉलेज में आयोजित सेमीनार में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। विषय भारत में सर्वांगीण विकास एवं उच्च शिक्षा के नए आयाम रखा गया।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ गुप्ता ने कहा कि शिक्षा के विकसित हुए बिना कोई भी राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता। किसी देश को बर्बाद करना है तो केवल वहां की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा ज्ञान का पर्याय नहीं है। शिक्षा का अर्थ है ज्ञान का कुशलतम प्रयोग। उन्होंने उच्च शिक्षा और उद्योगों के गठबंधन की बात प्रस्तुत की। जैन कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या सीमा जैन ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं युवाओं को कामयाब बनाना होना चाहिए। इस अवसर पर 450 शोधार्थियों ने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए। प्रबंधक अखिलेश दत्त, डॉ जितेंद्र अग्रवाल, प्राचार्य डॉ एससी वार्ष्णेय, अध्यक्ष सोमांश प्रकाश, हरिभूषण गुप्ता ने विचार रखे। कार्यक्रम में डॉ सतीश त्यागी, डॉ एसएन सिंह, डॉ कामिनी सिंघल, डॉ अशोक त्रिपाठी, डॉ मुक्ता बंसल, डॉ सरोज गुप्ता, अल्का बंसल आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ राजीव गुप्ता ने कहा कि विकसित राष्ट्र के लिए शिक्षा व्यवस्था का विकसित होना जरूरी है। वह एसडी कॉलेज में आयोजित सेमीनार में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। विषय भारत में सर्वांगीण विकास एवं उच्च शिक्षा के नए आयाम रखा गया।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ गुप्ता ने कहा कि शिक्षा के विकसित हुए बिना कोई भी राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता। किसी देश को बर्बाद करना है तो केवल वहां की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा ज्ञान का पर्याय नहीं है। शिक्षा का अर्थ है ज्ञान का कुशलतम प्रयोग। उन्होंने उच्च शिक्षा और उद्योगों के गठबंधन की बात प्रस्तुत की। जैन कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या सीमा जैन ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं युवाओं को कामयाब बनाना होना चाहिए। इस अवसर पर 450 शोधार्थियों ने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए। प्रबंधक अखिलेश दत्त, डॉ जितेंद्र अग्रवाल, प्राचार्य डॉ एससी वार्ष्णेय, अध्यक्ष सोमांश प्रकाश, हरिभूषण गुप्ता ने विचार रखे। कार्यक्रम में डॉ सतीश त्यागी, डॉ एसएन सिंह, डॉ कामिनी सिंघल, डॉ अशोक त्रिपाठी, डॉ मुक्ता बंसल, डॉ सरोज गुप्ता, अल्का बंसल आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन