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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - जिले के 498 गांवों के गरीबों के हिस्से में आए 50 मकान
Fri, 20 Oct 2023 01:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 20 Oct 2023 01:07 AM IST
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- जनपद में पीएम आवास योजना ग्रामीण में 2023-24 में केवल 50 आवास स्वीकृत
- बीते पांच साल में चार तहसील, नौ ब्लाॅकों के हिस्से में आए 2125 आवास
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के सैंकड़ों बेघरों के हिस्से में केवल 50 आवास आए हैं। 2023-24 में पीएम आवास योजना ग्रामीण में केवल 50 आवास का पैसा जारी हुआ है। बीते पांच सालों की बात करें तो इस योजना में केवल 2125 आवास ही स्वीकृत हुए हैं। इनमें अधिकतर वह हैं जो बरसात में गिर जाते हैं।
जिले के 11 गांवों के नगरपालिका परिषद में शामिल होने के बाद अब 487 गांव बाकी हैं। इन गांवों में हजारों लोग ऐसे हैं, जिनके पास रहने का आवास नहीं है। प्रदेश सरकार ने पीएम आवास योजना ग्रामीण में आवेदन ही बंद कर रखे हैं। इस कारण बेघर लोग आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। गांव के लोग आवास के लिए प्रधान, ब्लाॅक और जिला मुख्यालय पर गुहार लगाते हैं। योजना के क्रियान्वित नहीं होने से इसका लाभ पात्र गरीबों को नहीं मिल पा रहा है। योजना के लिए पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन होता है। बड़ी संख्या में लोग आवास के लिए पंचायत सचिवों के भी चक्कर काटते हैं। 2023-24 में इस योजना में पूरे जिले के 487 गांवों में केवल 50 आवास स्वीकृत हुए है।
जिले के परियोजना निदेशक राजीव कुमार वर्मा ने बताया कि 19 सितंबर 2023 को 50 आवास का पैसा आया था। इस वर्ष यही आवास स्वीकृत हुए हैं। सरकार ने आवेदन पर इस समय रोक लगा रखी है। पीएम आवास योजना ग्रामीण में पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन होते हैं। जब आवेदन की अनुमति जारी होगी उसी के बाद ही बेघर लोग इस योजना में आवेदन कर पाएंगे।
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मुख्यमंत्री को लिखेंगे पत्र
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल का कहना है कि जिन लोगों के पास आवास नहीं हैं वह जिला पंचायत सदस्यों के पास भी आते हैं। गांव प्रधान लगातार मांग कर रहे हैं। यह मामला विकास कार्यों की बैठक में भी उठा था। हम पीएम आवास ग्रामीण में आवेदन लिए जाने और बेघरों के आवास स्वीकृत करने की मांग को लेकर अपनी ओर से मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखेंगे।
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- बीते पांच साल में चार तहसील, नौ ब्लाॅकों के हिस्से में आए 2125 आवास
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के सैंकड़ों बेघरों के हिस्से में केवल 50 आवास आए हैं। 2023-24 में पीएम आवास योजना ग्रामीण में केवल 50 आवास का पैसा जारी हुआ है। बीते पांच सालों की बात करें तो इस योजना में केवल 2125 आवास ही स्वीकृत हुए हैं। इनमें अधिकतर वह हैं जो बरसात में गिर जाते हैं।
जिले के 11 गांवों के नगरपालिका परिषद में शामिल होने के बाद अब 487 गांव बाकी हैं। इन गांवों में हजारों लोग ऐसे हैं, जिनके पास रहने का आवास नहीं है। प्रदेश सरकार ने पीएम आवास योजना ग्रामीण में आवेदन ही बंद कर रखे हैं। इस कारण बेघर लोग आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। गांव के लोग आवास के लिए प्रधान, ब्लाॅक और जिला मुख्यालय पर गुहार लगाते हैं। योजना के क्रियान्वित नहीं होने से इसका लाभ पात्र गरीबों को नहीं मिल पा रहा है। योजना के लिए पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन होता है। बड़ी संख्या में लोग आवास के लिए पंचायत सचिवों के भी चक्कर काटते हैं। 2023-24 में इस योजना में पूरे जिले के 487 गांवों में केवल 50 आवास स्वीकृत हुए है।
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जिले के परियोजना निदेशक राजीव कुमार वर्मा ने बताया कि 19 सितंबर 2023 को 50 आवास का पैसा आया था। इस वर्ष यही आवास स्वीकृत हुए हैं। सरकार ने आवेदन पर इस समय रोक लगा रखी है। पीएम आवास योजना ग्रामीण में पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन होते हैं। जब आवेदन की अनुमति जारी होगी उसी के बाद ही बेघर लोग इस योजना में आवेदन कर पाएंगे।
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मुख्यमंत्री को लिखेंगे पत्र
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल का कहना है कि जिन लोगों के पास आवास नहीं हैं वह जिला पंचायत सदस्यों के पास भी आते हैं। गांव प्रधान लगातार मांग कर रहे हैं। यह मामला विकास कार्यों की बैठक में भी उठा था। हम पीएम आवास ग्रामीण में आवेदन लिए जाने और बेघरों के आवास स्वीकृत करने की मांग को लेकर अपनी ओर से मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखेंगे।