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किसान भडक़े, रेलवे ट्रैक को कब्जा कर धरने पर बैठे
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किसान भड़के, रेलवे ट्रैक को कब्जा कर धरने पर बैठे
मंसूरपुर/खतौली। मंसूरपुर में मंगलवार देर रात रेलवे फाटक बंद करने पर किसानों में आक्रोश फैल गया। किसानों ने फाटक खुलवाने की मांग लेकर रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठ गए। जिसको लेकर प्रशासन व रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी किसानों की काफी नोंकझोक हुई। इस दौरान कई ट्रेन प्रभावित हुई। मौके पहुंचे रेलवे अधिकारियों के आश्वासन पर करीब ढाई घंटे बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। रात दस बजे संचालन सुचारु हुआ।
मंसूरपुर रेलवे फाटक को आवागमन के लिए पूरी तरह से बंद करने के लिए रेलवे फाटक के दोनों ओर रेलवे विभाग ने दीवार बनवाने का काम शुरू किया। देर रात करीब सात बजे को किसानों को रेल विभाग द्वारा फाटक नंबर 48 पर दीवार बनवाने के बारे में पता चला तो, किसानों में आक्रोश फैल गया। करीब साढे़ सात बजे किसान एकत्र होकर रेलवे फाटक पर पहुंचे और उन्होंने दीवार बनाने का विरोध किया। किसानों के रेलवे फाटक पर पहुंचने पर मौके पर आरपीएफ और जीआपी के जवान मौके पर पहुंचे। किसानों की इनसे काफी नोंकझोक हुई। किसानों का कहना था कि रेलवे फाटक को पूरी तरह से बंद करने से भैंसा बुग्गी में गन्ना लाने वाले किसानों के सामने परेशानी होगी। आक्रोशित किसान फाटक खुलवाने की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर धरना देकर बैठ गए। सूचना पर मंसूरपुर इंस्पेक्टर संजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रेलवे ट्रैक पर धरने की सूचना पर रेलवे विभाग के चीफ डिप्टी इंजीनियर शिवम द्विवेदी पहुंचे। किसानों ने उनको बीच धरने पर बैठा लिया। धरने पर जिला पंचायत सदस्य संजय राठी एवं रालोद नेता विकास बालियान, संजीव राठी, जयकुमार बालियान, अशोक राठी, प्रदीप चौधरी, राजीव फौजी, हरेंद्र शर्मा, राजीव तोमर, धीरेंद्र राठी के बीच रेलवे अधिकारियों के बीच समझौता वार्ता हुई। समझौता वार्ता के करीब ढाई घंटे से जारी किसानों का धरना रात करीब दस बजे फाटक खुलने के बाद समाप्त हो गया। रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर शिवम द्विवेदी का कहना है कि फाटक पर ओवरब्रिज वे अंडरपास बन गया है। दोनों रास्तों से किसान गन्ना लेकर शुगर मिल में जा रहे हैं। शुगर मिल में किसानों का इस सीजन का गन्ना जाने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उधर, करीब ढाई घंटे तक रेलवे ट्रैक बाधित रहने से कई ट्रेन प्रभावित हुई। देहरादून से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर में सवा घंटा, दिल्ली से हरिद्वार जा रही डीएम पैसेंजर मंसूरपुर में करीब डेढ़ घंटा खड़ी रही। इनके अलवा बामनहेडी, नरा जड़ौदा, रोहाना में भी ट्रेन खड़ी रही।
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मंसूरपुर/खतौली। मंसूरपुर में मंगलवार देर रात रेलवे फाटक बंद करने पर किसानों में आक्रोश फैल गया। किसानों ने फाटक खुलवाने की मांग लेकर रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठ गए। जिसको लेकर प्रशासन व रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी किसानों की काफी नोंकझोक हुई। इस दौरान कई ट्रेन प्रभावित हुई। मौके पहुंचे रेलवे अधिकारियों के आश्वासन पर करीब ढाई घंटे बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। रात दस बजे संचालन सुचारु हुआ।
मंसूरपुर रेलवे फाटक को आवागमन के लिए पूरी तरह से बंद करने के लिए रेलवे फाटक के दोनों ओर रेलवे विभाग ने दीवार बनवाने का काम शुरू किया। देर रात करीब सात बजे को किसानों को रेल विभाग द्वारा फाटक नंबर 48 पर दीवार बनवाने के बारे में पता चला तो, किसानों में आक्रोश फैल गया। करीब साढे़ सात बजे किसान एकत्र होकर रेलवे फाटक पर पहुंचे और उन्होंने दीवार बनाने का विरोध किया। किसानों के रेलवे फाटक पर पहुंचने पर मौके पर आरपीएफ और जीआपी के जवान मौके पर पहुंचे। किसानों की इनसे काफी नोंकझोक हुई। किसानों का कहना था कि रेलवे फाटक को पूरी तरह से बंद करने से भैंसा बुग्गी में गन्ना लाने वाले किसानों के सामने परेशानी होगी। आक्रोशित किसान फाटक खुलवाने की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर धरना देकर बैठ गए। सूचना पर मंसूरपुर इंस्पेक्टर संजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रेलवे ट्रैक पर धरने की सूचना पर रेलवे विभाग के चीफ डिप्टी इंजीनियर शिवम द्विवेदी पहुंचे। किसानों ने उनको बीच धरने पर बैठा लिया। धरने पर जिला पंचायत सदस्य संजय राठी एवं रालोद नेता विकास बालियान, संजीव राठी, जयकुमार बालियान, अशोक राठी, प्रदीप चौधरी, राजीव फौजी, हरेंद्र शर्मा, राजीव तोमर, धीरेंद्र राठी के बीच रेलवे अधिकारियों के बीच समझौता वार्ता हुई। समझौता वार्ता के करीब ढाई घंटे से जारी किसानों का धरना रात करीब दस बजे फाटक खुलने के बाद समाप्त हो गया। रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर शिवम द्विवेदी का कहना है कि फाटक पर ओवरब्रिज वे अंडरपास बन गया है। दोनों रास्तों से किसान गन्ना लेकर शुगर मिल में जा रहे हैं। शुगर मिल में किसानों का इस सीजन का गन्ना जाने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उधर, करीब ढाई घंटे तक रेलवे ट्रैक बाधित रहने से कई ट्रेन प्रभावित हुई। देहरादून से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर में सवा घंटा, दिल्ली से हरिद्वार जा रही डीएम पैसेंजर मंसूरपुर में करीब डेढ़ घंटा खड़ी रही। इनके अलवा बामनहेडी, नरा जड़ौदा, रोहाना में भी ट्रेन खड़ी रही।
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