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ऋषियों के संस्कारों को धारण करें समाज
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ऋषियों के संस्कारों को जीवन में अपनाएं : आर्य
मुजफ्फरनगर। भाकियू ने नववर्ष पर राष्ट्र कल्याण हेतु वैदिक मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर प्रभु से प्रार्थना की। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि ऋषियों की संस्कृति और संस्कारों को धारण कर समाज और राष्ट्र का नवनिर्माण होगा।
ऋषभ विहार में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के आवास पर आयोजित यज्ञ में आहुति दी गई। वैदिक संस्कार चेतना अभियान के संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद के सिद्धांतों को अपना कर ही जीवन में सत्यज्ञान, आचरण और चरित्र में निखार आएगा। युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने के लिए घरों में साप्ताहिक यज्ञ अवश्य करें। महापुरुषों, शहीदों और क्रांतिकारियों के जीवन दर्शन को पढ़े। यज्ञ, योग और यज्ञोपवीत हमारी संस्कृति है। वेद मंत्र और यज्ञ आत्मा को पुण्य कर्म के लिए प्रेरित करते हैं। पर्यावरण शुद्धि में यज्ञ की महिमा को विश्व के वैज्ञानिकों ने स्वीकार किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण भी यज्ञ करते थे। इसका प्रमाण शास्त्रों में उल्लेखित है। मद्यपान, मांसाहार आदि के सेवन से मन और आत्मा विशुद्ध होती है। यज्ञमान का दायित्व गौरव टिकैत ने निभाया। आचार्य ने वैदिक साहित्य का वितरण किया और सभी ने संस्कारों को ग्रहण करने का संकल्प लिया। इस मौके पर बुढ़ाना ब्लाक प्रमुख अजीत उर्फ बबलू, अनुज बालियान, कमल मित्तल, अक्षय अहलावत, विनोद बालियान, चरण सिंह, सुनीता देवी, सहदेव सिंह आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। भाकियू ने नववर्ष पर राष्ट्र कल्याण हेतु वैदिक मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर प्रभु से प्रार्थना की। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि ऋषियों की संस्कृति और संस्कारों को धारण कर समाज और राष्ट्र का नवनिर्माण होगा।
ऋषभ विहार में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के आवास पर आयोजित यज्ञ में आहुति दी गई। वैदिक संस्कार चेतना अभियान के संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद के सिद्धांतों को अपना कर ही जीवन में सत्यज्ञान, आचरण और चरित्र में निखार आएगा। युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने के लिए घरों में साप्ताहिक यज्ञ अवश्य करें। महापुरुषों, शहीदों और क्रांतिकारियों के जीवन दर्शन को पढ़े। यज्ञ, योग और यज्ञोपवीत हमारी संस्कृति है। वेद मंत्र और यज्ञ आत्मा को पुण्य कर्म के लिए प्रेरित करते हैं। पर्यावरण शुद्धि में यज्ञ की महिमा को विश्व के वैज्ञानिकों ने स्वीकार किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण भी यज्ञ करते थे। इसका प्रमाण शास्त्रों में उल्लेखित है। मद्यपान, मांसाहार आदि के सेवन से मन और आत्मा विशुद्ध होती है। यज्ञमान का दायित्व गौरव टिकैत ने निभाया। आचार्य ने वैदिक साहित्य का वितरण किया और सभी ने संस्कारों को ग्रहण करने का संकल्प लिया। इस मौके पर बुढ़ाना ब्लाक प्रमुख अजीत उर्फ बबलू, अनुज बालियान, कमल मित्तल, अक्षय अहलावत, विनोद बालियान, चरण सिंह, सुनीता देवी, सहदेव सिंह आदि मौजूद रहे।
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