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चेयरमैन ने बोर्ड बैठक के लिए मांगा मजिस्ट्रेट
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:32 AM IST
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पालिका की बैठक के लिए मांगा मजिस्ट्रेट
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका की बैठक में हुई अराजकता के बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने डीएम राजीव शर्मा को पत्र लिखकर बोर्ड बैठक के लिए पर्यवेक्षक के रूप में एक मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की है। 12 जून को हुई बोर्ड बैठक के बाद कुछ सभासदों ने उनके कक्ष का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। भय का माहौल बनाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।
पिछले दिनों बोर्ड मीटिंग पूरी तरह से सभासदों के हंगामे की भेंट चढ़ गई थी। बोर्ड बैठक के घटनाक्रम के बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने डीएम राजीव शर्मा को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने बताया कि शहर के विकास, कर्मचारियों की समस्याओं और अन्य जनहित के कार्यों के लिए करीब 36 प्रस्ताव वाले एजेंडे पर चर्चा की जानी थी, लेकिन मीटिंग शुरू होते ही कुछ सभासद जिन्हें पालिका हित, जनहित एवं शहर के विकास कार्यों से कोई सरोकार नहीं है, वह एजेंडा पर चर्चा न करते हुए उनकी डायस पर आ गए और वाद विवाद करने लगे। लोकतंत्र की मर्यादा के विपरीत विकास के एजेंडे पर चर्चा करने की हंगामा प्रारंभ कर दिया। सभासद अब्दुल सत्तार चार-पांच अन्य सभासदों के साथ हंगामा करने पर उतारू रहे। महिला सभासदों की उपस्थिति में अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। सुनियोजित साजिश के तहत मीटिंग में अराजकता का माहौल पैदा किया गया। ईओ को बार-बार धमकाया गया। मुझे एजेंडे पर मत विभाजन करने का अवसर भी नहीं दिया गया। बिना मेरी अनुमति के राष्ट्रगान कराकर बैठक समाप्ति की घोषणा करा दी गई। चेयरपर्सन ने आरोप लगाया कि बैठक समाप्ति के उपरांत विशेष तौर पर सभासद के पति नौशाद कुरैशी ने ईओ और उनके कक्ष के बीच के दरवाजे को हमले की नीयत से तोड़ने का प्रयास किया। चेयरपर्सन ने डीएम से असुरक्षा की आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि इनके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही कराई जाए और आगामी बोर्ड मीटिंग में एक मजिस्ट्रेट को पर्यवेक्षक नामित किया जाए। बाहरी लोगों को प्रतिबंधित किया जाए। उधर, सभासदों द्वारा तहरीर दिए जाने पर चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने कहा कि उनके द्वारा कुछ भी गलत नहीं कहा गया है, बोर्ड मीटिंग की वीडियो उपलब्ध है, वो चाहती है कि वीडियो की जांच करायी जाई। इससे सच और झूठ सभी जनता के सामने होगा।
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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका की बैठक में हुई अराजकता के बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने डीएम राजीव शर्मा को पत्र लिखकर बोर्ड बैठक के लिए पर्यवेक्षक के रूप में एक मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की है। 12 जून को हुई बोर्ड बैठक के बाद कुछ सभासदों ने उनके कक्ष का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। भय का माहौल बनाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।
पिछले दिनों बोर्ड मीटिंग पूरी तरह से सभासदों के हंगामे की भेंट चढ़ गई थी। बोर्ड बैठक के घटनाक्रम के बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने डीएम राजीव शर्मा को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने बताया कि शहर के विकास, कर्मचारियों की समस्याओं और अन्य जनहित के कार्यों के लिए करीब 36 प्रस्ताव वाले एजेंडे पर चर्चा की जानी थी, लेकिन मीटिंग शुरू होते ही कुछ सभासद जिन्हें पालिका हित, जनहित एवं शहर के विकास कार्यों से कोई सरोकार नहीं है, वह एजेंडा पर चर्चा न करते हुए उनकी डायस पर आ गए और वाद विवाद करने लगे। लोकतंत्र की मर्यादा के विपरीत विकास के एजेंडे पर चर्चा करने की हंगामा प्रारंभ कर दिया। सभासद अब्दुल सत्तार चार-पांच अन्य सभासदों के साथ हंगामा करने पर उतारू रहे। महिला सभासदों की उपस्थिति में अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। सुनियोजित साजिश के तहत मीटिंग में अराजकता का माहौल पैदा किया गया। ईओ को बार-बार धमकाया गया। मुझे एजेंडे पर मत विभाजन करने का अवसर भी नहीं दिया गया। बिना मेरी अनुमति के राष्ट्रगान कराकर बैठक समाप्ति की घोषणा करा दी गई। चेयरपर्सन ने आरोप लगाया कि बैठक समाप्ति के उपरांत विशेष तौर पर सभासद के पति नौशाद कुरैशी ने ईओ और उनके कक्ष के बीच के दरवाजे को हमले की नीयत से तोड़ने का प्रयास किया। चेयरपर्सन ने डीएम से असुरक्षा की आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि इनके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही कराई जाए और आगामी बोर्ड मीटिंग में एक मजिस्ट्रेट को पर्यवेक्षक नामित किया जाए। बाहरी लोगों को प्रतिबंधित किया जाए। उधर, सभासदों द्वारा तहरीर दिए जाने पर चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने कहा कि उनके द्वारा कुछ भी गलत नहीं कहा गया है, बोर्ड मीटिंग की वीडियो उपलब्ध है, वो चाहती है कि वीडियो की जांच करायी जाई। इससे सच और झूठ सभी जनता के सामने होगा।
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