{"_id":"59ac4e044f1c1b0c278b4f73","slug":"41504464388-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा के उफान से जलमग्न हुआ क्षेत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा के उफान से जलमग्न हुआ क्षेत्र
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
गंगा के उफान से जलमग्न हुआ क्षेत्र
मोरना (मुजफ्फरनगर)। गंगा खादर क्षेत्र में गंगा के उफान के चलते निचले भाग जलमग्न हो गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से आए पानी से मुख्य मार्गों व फसलें पानी में डूब गई हैं।
शिवालिक की पहाड़ियों में हो रही लगातार बारिश के कारण खंड गंगा खादर जलमग्न हो गया है। गन्ने, ज्वार, धान आदि की फसल के बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है। भूमि के दलदली हो जाने के कारण पशुओं में खुरपका व मुंहपका बीमारी से काफी संख्या में पशु बीमार हो गए हैं। गांव मज्जलिसपुर तौफीर, महाराज नगर, सिताबपुरी, नयागांव आदि के ग्रामीणों ने चिकित्सा विभाग से पशुओं के उपचार के लिए जांच टीम का कैंप कराने की मांग की है। इसके साथ-साथ मानव चिकित्सा दल को भी भेजे जाने की गुहार लगाई है। देर रात आया पानी गंगा खादर के जंगल में फैलकर फसलों में भरने लगा है। जिसके चलते ग्रामीण अब जंगलों में पानी भरने से अपने खेतों पर जाने को लेकर भयभीत हैं।
विज्ञापन
मोरना (मुजफ्फरनगर)। गंगा खादर क्षेत्र में गंगा के उफान के चलते निचले भाग जलमग्न हो गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से आए पानी से मुख्य मार्गों व फसलें पानी में डूब गई हैं।
शिवालिक की पहाड़ियों में हो रही लगातार बारिश के कारण खंड गंगा खादर जलमग्न हो गया है। गन्ने, ज्वार, धान आदि की फसल के बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है। भूमि के दलदली हो जाने के कारण पशुओं में खुरपका व मुंहपका बीमारी से काफी संख्या में पशु बीमार हो गए हैं। गांव मज्जलिसपुर तौफीर, महाराज नगर, सिताबपुरी, नयागांव आदि के ग्रामीणों ने चिकित्सा विभाग से पशुओं के उपचार के लिए जांच टीम का कैंप कराने की मांग की है। इसके साथ-साथ मानव चिकित्सा दल को भी भेजे जाने की गुहार लगाई है। देर रात आया पानी गंगा खादर के जंगल में फैलकर फसलों में भरने लगा है। जिसके चलते ग्रामीण अब जंगलों में पानी भरने से अपने खेतों पर जाने को लेकर भयभीत हैं।
विज्ञापन