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शीशा तोड़ने को बस में रखना होगा हथौड़ा
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:35 AM IST
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रोडवेज बसों में रखना होगा हथौड़ा
मुजफ्फरनगर। बरेली हादसे के बाद से रोडवेज बसों में सावधानी के साथ व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। परिवहन निगम आपातकाल स्थिति में बस के शीशे तोड़ने के लिए चालक-परिचालक को हथौड़ा मुहैया कराएगा, ताकि तत्काल शीशा तोड़कर यात्रियों को बस से निकाला जा सके।
बरेली हाईवे पर टैंकर और बस की भिड़ंत में 24 यात्रियों की जान चली गई थी। भयानक हादसे के बाद रोडवेज बसों की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही हैं। डिपो के अधिकारियों ने बसों के इमरजेंसी द्वार और पीछे के शीशों पर अधिक जोर दिया है, क्योंकि बस में सवार यात्रियों के साथ हाईवे, क्षेत्र या सड़क पर कोई अप्रिय हादसा घटित होता है तो उसमें जान-माल की हानि रोकी जा सके। इसके लिए बसों के इमरजेंसी द्वार से लोहे के पाइप हटवाकर वहां स्पेशल स्थान बनाया जा रहा है। यहां पर आपातकाल परिस्थितियों में इमरजेंसी द्वार के साथ बस के अन्य शीशों को हथौड़े से तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला जा सके।
इसके लिए डिपो पहले निगम की बसों में यह सुविधा करने जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक बस में फर्स्टएड बॉक्स को सुनिश्चित किया गया है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि परिवहन निगम बसों में हथौड़ा रखने के बिंदू पर विचार कर रहा है। इसके लिए पहले कई पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। सुरक्षा और सुविधा दोनों का आंकलन हो रहा है, इसके बाद ही कदम आगे बढ़ाए जाएंगे।
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मुजफ्फरनगर। बरेली हादसे के बाद से रोडवेज बसों में सावधानी के साथ व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। परिवहन निगम आपातकाल स्थिति में बस के शीशे तोड़ने के लिए चालक-परिचालक को हथौड़ा मुहैया कराएगा, ताकि तत्काल शीशा तोड़कर यात्रियों को बस से निकाला जा सके।
बरेली हाईवे पर टैंकर और बस की भिड़ंत में 24 यात्रियों की जान चली गई थी। भयानक हादसे के बाद रोडवेज बसों की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही हैं। डिपो के अधिकारियों ने बसों के इमरजेंसी द्वार और पीछे के शीशों पर अधिक जोर दिया है, क्योंकि बस में सवार यात्रियों के साथ हाईवे, क्षेत्र या सड़क पर कोई अप्रिय हादसा घटित होता है तो उसमें जान-माल की हानि रोकी जा सके। इसके लिए बसों के इमरजेंसी द्वार से लोहे के पाइप हटवाकर वहां स्पेशल स्थान बनाया जा रहा है। यहां पर आपातकाल परिस्थितियों में इमरजेंसी द्वार के साथ बस के अन्य शीशों को हथौड़े से तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला जा सके।
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इसके लिए डिपो पहले निगम की बसों में यह सुविधा करने जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक बस में फर्स्टएड बॉक्स को सुनिश्चित किया गया है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि परिवहन निगम बसों में हथौड़ा रखने के बिंदू पर विचार कर रहा है। इसके लिए पहले कई पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। सुरक्षा और सुविधा दोनों का आंकलन हो रहा है, इसके बाद ही कदम आगे बढ़ाए जाएंगे।
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