फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   41 rebels sent to jail in violence

हिंसा में 41 उपद्रवियों को जेल भेजा, पुलिस की ओर से एक मुकदमा

Wed, 04 Apr 2018 12:15 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Wed, 04 Apr 2018 12:15 AM IST
विज्ञापन
41 rebels sent to jail in violence
अमरेश के अंतिम संस्कार में जाते लोगों को रोकते पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में आंदोलन में हिंसा करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस ने नगर के तीनों थानों में 27 मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें शहर कोतवाली पर एक, नई मंडी और सिविल लाइन थाने पर 13-13 मुकदमे दर्ज किए गए। उधर, जीआरपी और आरपीएफ ने एक-एक मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन


पुलिस ने दलितों के संगठनों के नेताओं को नामजद करते हुए करीब 300 अज्ञात में उपद्रवियों को नामजद किया है। बाकी मुकदमे पीएनबी के अधिकारियों और पब्लिक की ओर से दर्ज किए हैं। पुलिस ने 34 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि आरपीएफ ने सात लोगों का चालान किया है। पुलिस ने अभी भी कई दर्जन लोगों को हिरासत में ले रखा है।
विज्ञापन


नई मंडी इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा की ओर से दलित संगठनों के पदाधिकारी विकास मेडियन बागोवाली, उपकार बावरा, संजीव निवासी जैन नगर खतौली, सन्नी सिल्लान निवासी रामपुरी को नामजद करते हुए करीब 300 अज्ञात में उपद्रवियों के खिलाफ हिंसा भड़काने के लिए प्रेरित करना, बलवा, ट्रेन रोकना, पुलिस पर फायरिंग, आगजनी करना, लोक संपत्ति का नुकसान पहुंचाना आदि संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एफआईआर में बताया गया कि पुलिस ने जवाब में आंसू गैस के गोले छोडे़ और रबड़ की गोलियां और एंटी राइट गन चलाई। हमले में 17 पुलिस कर्मी के घायल होने का उल्लेख एफआईआर में किया गया है। साथ ही यहां हिंसा में16 चार पहिया वाहनों के अलावा छह बाइकों में आग लगाना, एक कार व तीन बाइकों में तोड़फोड़ करना बताया है।

इसके अलावा नईमंडी कोतवाली पर ही पीएनबी स्टाफ मुकेश कुमार, निशांत कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार ने फूंके जाने का मुकदमा दर्ज कराया है। पीएनबी के एजीएम सुनील रावला ने एटीएम में तोड़फोड़ करने, सेतू कुमार सिंघल ने थाने के सामने खोखा फूंके जाने, सतीश मलिक ने कार्यालय में तोडफोड़ किए जाने तथा लेपटॉप व कैमरा लूटने, रोडवेज कर्मी विकास चौधरी ने बस जलाने का मुकदमा दर्ज कराया है।

उधर, सिविल लाइन थाने पर सदर बाजार में गारमेंटस के शोरूम मालिक व्यापारी नेता बिजेंद्र गोयल, सिखेड़ा के एसआई महेश सिंह की ओर से भीम आर्मी सदस्यों के खिलाफ बाइक जलाने, खालापार के मोहम्मद आरिफ हुसैन ने हमला करने, साकेत कालोनी के विकास कुमार ने कार में तोड़फोड़ करने, देवबंद के मोहल्ला कायस्थवाडा के मनोज कुमार जैन ने भीम आर्मी के सदस्यों द्वारा मारपीट करने, गांधीनगर के प्रदीप सैनी ने जायलो कार में तोड़फोड़ करने,

जेल फाटक निवासी राहुल शर्मा ने भीम आर्मी के सदस्यों द्वारा बाइक तोड़ऩे, अंबा विहार के मोहम्मद इसरार सैफी ने कार में तोडफ़ोड़ करने, गांधीनगर के नितिन ने उसकी डस्टर कार में तोडफोड़ करने, खांजापुर निवासी बलराज सिंह ने एसडी तिराहे पर दुकान के बाहर खड़ी कार में तोड़फोड़ करने,

रेलवे स्टेशन पर पार्किंग चलाने वाले बशेश्वर दयाल ने पार्किंग में खड़ी तीन कारों में तोड़फोड़ करने, जेल फाटक स्थित मंदिर के पुजारी मुकेश भारद्वाज ने बाइक तोड़ऩे, रोडवेज बस चालक साल्हाखेडी निवासी हरेंद्र सिंह ने महावीर चौक पर बस पर पथराव कर तोड़फोड़ करने के मुकदमे दर्ज कराए।

उधर, शहर कोतवाली में आलू मंडी निवासी प्रदीप गोयल पुत्र सुरेश चंद ने 30-40 अज्ञात के खिलाफ मारपीट करने, धारदार हथियारों से हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने इस मामले में कुटेसरा निवासी सुबोध, छपरा निवासी अरुण, कसौली निवासी हरेंद्र, खालसा पट्टी निवासी प्रदीप,

आबकारी निवासी अर्जुन, छपरा निवासी राजू, अब्दुलपुर निवासी सावन और सुजडू निवासी संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सिविल लाइन पुलिस 26 आरोपियों को जेल भेजा है। नई मंडी पुलिस 27 आरोपियो को पकड़ा है, जिन्हें बुधवार को जेल भेजा जाएगा। इसके अलावा कई दर्जन लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

जीआरपी और आरपीएफ में भी मुकदमे दर्ज
मुजफ्फरनगर। एससी-एसटी एक्ट में तब्दीली के विरोध के सड़कों पर आए दलित युवकों को उकसाने, बवाल कराने के पीछे अफसरों ने चार मुख्य चेहरों को चिह्नित किया है। जीआरपी एसओ इंद्रजीत की ओर से विकास मेडियन, उपकार बावरा, संजीव और सन्नी को नामजद करते हुए करीब 700 की अज्ञात भीड़ के खिलाफ कई संगीन धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है।


इसी तरह से आरपीएफ ने भी स्टेशन, रेलवे संपत्ति, यात्रियों से मारपीट, तोडफ़ोड़ के आरोप में मुदकमे दर्ज किए हैं। आरपीएफ ने सात लोगों को पकड़कर जेल भेजा है, अन्य आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed