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तहसील में धनगर समाज के लोगों का प्रदर्शन, धरना
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खतौली। गडरिया की उपजाति धनगर जाति के लोगों ने अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग को लेकर तहसील में प्रदर्शन करते हुए धरना देकर बैठ गए। धनगर जाति के लोगों ने मांग के समर्थन में तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। धनगर जाति के लोगों ने शासन व प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
गांव लोहडडा के प्रधान सतेंद्र पाल के नेतृत्व में मंगलवार को गांव गालिबपुर के अलावा जानसठ, सिखेड़ा, मोरना सहित अन्य गांवों में रहने वाले धनगर जाति के लोग एकत्र होकर तहसील में पहुंचे। तहसील में धनगर जाति के लोगों ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर हंगामा व प्रदर्शन किया। इसके बाद वे तहसील में धरना देकर बैठ गए। धरने पर वक्ताओं ने कहा कि गडरिया की उपजाति धनगर जाति का शासनादेश के अनुसार तहसील से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाता है, जबकि शासनादेश में स्पष्ट आदेश है कि धनगर जाति के लोगों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं। शासन व प्रशासन धनगर जाति के लोगों की उपेक्षा कर रहा है। धनगर जाति के लोगों ने शासन व प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनका अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतर करके आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शनकारियों में पूर्व प्रधान रामचंद्र, राकेश, अंकित, मनोज पाल, अंकुर, विकास, अमित, जितेंद्र, सुमित, अरविंद आदि शामिल रहे।
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गांव लोहडडा के प्रधान सतेंद्र पाल के नेतृत्व में मंगलवार को गांव गालिबपुर के अलावा जानसठ, सिखेड़ा, मोरना सहित अन्य गांवों में रहने वाले धनगर जाति के लोग एकत्र होकर तहसील में पहुंचे। तहसील में धनगर जाति के लोगों ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर हंगामा व प्रदर्शन किया। इसके बाद वे तहसील में धरना देकर बैठ गए। धरने पर वक्ताओं ने कहा कि गडरिया की उपजाति धनगर जाति का शासनादेश के अनुसार तहसील से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाता है, जबकि शासनादेश में स्पष्ट आदेश है कि धनगर जाति के लोगों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं। शासन व प्रशासन धनगर जाति के लोगों की उपेक्षा कर रहा है। धनगर जाति के लोगों ने शासन व प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनका अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतर करके आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शनकारियों में पूर्व प्रधान रामचंद्र, राकेश, अंकित, मनोज पाल, अंकुर, विकास, अमित, जितेंद्र, सुमित, अरविंद आदि शामिल रहे।
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