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सानिया मिर्जा की कामयाबी से बढ़ा टेनिस का क्रेज
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:40 AM IST
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सानिया मिर्जा की कामयाबी से बढ़ा टेनिस का क्रेज
मुजफ्फरनगर। सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर हैदराबाद की सात खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमा रहीं हैं। देश की नंबर वन टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा के विश्व स्तर पर चमकने के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य की बेटियों में टेनिस का क्रेज बढ़ा है। आईटीएफ टेनिस टूर्नामेंट में भागीदारी को आई खिलाड़ियों ने यह बात स्वीकार की है। टूर्नामेंट में सबसे कम उम्र की साई देदीप्या येड्डूला भी हैदराबाद से ताल्लुक रखती हैं।
विश्व टेनिस में भारत का गौरव बनी सानिया मिर्जा का रंग हैदराबाद की खिलाड़ियों पर दिखता है। आईटीएफ महिला टेनिस टूर्नामेंट में सबसे कम उम्र की साई देदीप्या मुख्य ड्रा का सिंगल मैच चेक गणराज्य की अन्ना सिस्कोवा से 6-2, 6-0 से हार गईं, मगर उनका जज्बा काबिले तारीफ है। देदीप्या अंतरराष्ट्रीय महिला सर्किट में कामयाबी चाहती है। अपने पिता डा. वाई श्रीनिवासलू के साथ आई देदीप्या ने बताया कि आठ साल की उम्र में टेनिस से उनका नाता जुड़ा। फिलहाल उनकी उम्र 17 साल है। वह कहती हैं कि सानिया मिर्जा की अंतरराष्ट्रीय टेनिस में सफलता के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बेटियों में टेनिस का क्रेज स्कूली स्तर पर ही बढ़ गया है। उनकी माता गृहिणी हैं, जबकि पिता आल इंडिया रेडियो हैदराबाद में प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव हैं। उनकी बड़ी बहन प्रियंका रेलवे में टीसीआई हैं। अंडर 16 में नंबर वन खिलाड़ी रह चुकी देदीप्या के पिता डा. वाई श्रीनिवासलू ने कहा कि टेनिस महंगा खेल है। बेटी को विश्वस्तर का प्रशिक्षण दिलाने में प्रतिमाह 40 से 50 हजार रुपये खर्च होते हैं। देश के कुछ महानगरों में ही खिलाड़ियों को टेनिस की पर्याप्त सुविधाएं मिल पाती हैं। प्राइवेट कोर्ट पर खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करनी पड़ती है। देदीप्या के कोच रवि चंद्रा राव हैं। हैदराबाद की जो अन्य खिलाड़ी मुजफ्फरनगर आई हैं, उनमें निधि चिलुमुला, सौजन्या बवीशेट्टी, हुमेरा बेगम शेख, ऋषिका सुनकारा, रश्मिका, शाहजेब शिवानी शामिल हैं। टूर्नामेंट में भारत की 20 खिलाड़ी भाग ले रही हैं।
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मुजफ्फरनगर। सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर हैदराबाद की सात खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमा रहीं हैं। देश की नंबर वन टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा के विश्व स्तर पर चमकने के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य की बेटियों में टेनिस का क्रेज बढ़ा है। आईटीएफ टेनिस टूर्नामेंट में भागीदारी को आई खिलाड़ियों ने यह बात स्वीकार की है। टूर्नामेंट में सबसे कम उम्र की साई देदीप्या येड्डूला भी हैदराबाद से ताल्लुक रखती हैं।
विश्व टेनिस में भारत का गौरव बनी सानिया मिर्जा का रंग हैदराबाद की खिलाड़ियों पर दिखता है। आईटीएफ महिला टेनिस टूर्नामेंट में सबसे कम उम्र की साई देदीप्या मुख्य ड्रा का सिंगल मैच चेक गणराज्य की अन्ना सिस्कोवा से 6-2, 6-0 से हार गईं, मगर उनका जज्बा काबिले तारीफ है। देदीप्या अंतरराष्ट्रीय महिला सर्किट में कामयाबी चाहती है। अपने पिता डा. वाई श्रीनिवासलू के साथ आई देदीप्या ने बताया कि आठ साल की उम्र में टेनिस से उनका नाता जुड़ा। फिलहाल उनकी उम्र 17 साल है। वह कहती हैं कि सानिया मिर्जा की अंतरराष्ट्रीय टेनिस में सफलता के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बेटियों में टेनिस का क्रेज स्कूली स्तर पर ही बढ़ गया है। उनकी माता गृहिणी हैं, जबकि पिता आल इंडिया रेडियो हैदराबाद में प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव हैं। उनकी बड़ी बहन प्रियंका रेलवे में टीसीआई हैं। अंडर 16 में नंबर वन खिलाड़ी रह चुकी देदीप्या के पिता डा. वाई श्रीनिवासलू ने कहा कि टेनिस महंगा खेल है। बेटी को विश्वस्तर का प्रशिक्षण दिलाने में प्रतिमाह 40 से 50 हजार रुपये खर्च होते हैं। देश के कुछ महानगरों में ही खिलाड़ियों को टेनिस की पर्याप्त सुविधाएं मिल पाती हैं। प्राइवेट कोर्ट पर खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करनी पड़ती है। देदीप्या के कोच रवि चंद्रा राव हैं। हैदराबाद की जो अन्य खिलाड़ी मुजफ्फरनगर आई हैं, उनमें निधि चिलुमुला, सौजन्या बवीशेट्टी, हुमेरा बेगम शेख, ऋषिका सुनकारा, रश्मिका, शाहजेब शिवानी शामिल हैं। टूर्नामेंट में भारत की 20 खिलाड़ी भाग ले रही हैं।
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