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गर्मी में बिजली भी दे रही धोखा
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:09 AM IST
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मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी से जूझ रही जनता को बिजली भी धोखा दे रही है। 24 घंटे के आदेश के बाद भी चार से छह घंटे तक का कट हो रहा है। शाम के समय और रात्रि में सोते समय बिजली के चले जाने से अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में बिजली विभाग ने जो शेड्यूल जारी किया हुआ है उसके अनुसार जिला मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील मुख्यालय को 20 और ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे की विद्युत सप्लाई होनी है। जिला मुख्यालय पर ही 24 घंटे की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बीच में किसी भी समय कट लग जाता है। गर्मी के मौसम जब दोपहर में और रात्रि में सोते समय बिजली चली जाती है तो आम आदमी परेशान हो जाता है। रात्रि में दस बजे के लगभग तो प्रतिदिन कट लग जाता है। शाम के समय भी अमुमन बिजली भाग जाती है। अधिकारी निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा करते है, लेकिन यह दावा खरा नहीं उतर पा रहा है। तहसील मुख्यालयों पर भी बीस घंटे की सप्लाई नहीं हो पा रही है। 15 से 16 घंटे बिजली ही तहसील मुख्यालयों को मिल रही है। ग्रामीण अंचल में बिजली की सबसे ज्यादा हालत खराब है। यहां 18 के स्थान पर 10 से 12 घंटे तक ही बिजली मिल पा रही है।
मजबूरी में करते हैं ब्रेक डाउन
मुजफ्फरनगर। अधीक्षण अभियंता एके आत्रेय का कहना है कि विभाग यह पूरा प्रयास कर रहा है कि जो शेड्यूल है उसी के अनुसार बिजली दी जाए। तार टूटने और ट्रांसफार्मर फुंक जाने पर मजबूरी में ब्रेक डाउन होता है। गर्मी के मौसम में तार टूटने की समस्या बढ़ जाती है। बिजली को लेकर कोई अधिक समस्या नहीं है।
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अघोषित कटौती ने सबको रूलाया
हर वर्ग परेशान है। कस्बे में सरकार के 20-22 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश झूठे साबित हो रहे है। बिजली की लो वोल्टेज के कारण भी लोग परेशान है। किसानों के नलकूपों में कम वोल्टेज होने के कारण पानी नहीं निकलता। अक्सर नलकूपों के मोटर फुंक रहे है। अधिवक्ता अनिल कुमार, रणपाल सिंह, दुुकानदार सुरेन्द्र सहरावत, संदीप कुुुमार आदि का कहना है कि भीषण गर्मी मे बिजली के न आने से सभी लोग परेशान हो जाते है। ऑफिस, दुुकानों आदि पर काम नही हो पाता। देहातो में पीने के पानी की समस्या गंभीर हो रही है। एसडीओ ध्र्रुवचन्द का कहना है कि गर्मी के दिनो में ओवर लोड़ होने के कारण ट्रांसफार्मर सही काम नहीं कर पाते है। गर्मियों में फाल्ट अधिक होते है। इसी कारण से पूरी आपूर्ति नहीं दी जा सकती।
बिजली की अघोषित कटौती से जनता परेशान
खतौली। अघोषित बिजली कटौती से इस भीषण गर्मी में लोगों का हाल बेहाल है। एसडीओ मनोज कुमार ने बताया कि नगर में दिन में सरकार की घोषित रोस्टिंग दिन में 12.30 बजे से 2.30 बजे तक तथा रात मेें 9.15 बजे से 10.45 तक है। इसके अलावा करीब दो घंटा अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। इस तरह से मात्र नगर में 16-17 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण जेई वेदप्रकाश ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में रोस्टिंग के हिसाब से फिलहाल 10-12 घंटे की बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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जिले में बिजली विभाग ने जो शेड्यूल जारी किया हुआ है उसके अनुसार जिला मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील मुख्यालय को 20 और ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे की विद्युत सप्लाई होनी है। जिला मुख्यालय पर ही 24 घंटे की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बीच में किसी भी समय कट लग जाता है। गर्मी के मौसम जब दोपहर में और रात्रि में सोते समय बिजली चली जाती है तो आम आदमी परेशान हो जाता है। रात्रि में दस बजे के लगभग तो प्रतिदिन कट लग जाता है। शाम के समय भी अमुमन बिजली भाग जाती है। अधिकारी निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा करते है, लेकिन यह दावा खरा नहीं उतर पा रहा है। तहसील मुख्यालयों पर भी बीस घंटे की सप्लाई नहीं हो पा रही है। 15 से 16 घंटे बिजली ही तहसील मुख्यालयों को मिल रही है। ग्रामीण अंचल में बिजली की सबसे ज्यादा हालत खराब है। यहां 18 के स्थान पर 10 से 12 घंटे तक ही बिजली मिल पा रही है।
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मजबूरी में करते हैं ब्रेक डाउन
मुजफ्फरनगर। अधीक्षण अभियंता एके आत्रेय का कहना है कि विभाग यह पूरा प्रयास कर रहा है कि जो शेड्यूल है उसी के अनुसार बिजली दी जाए। तार टूटने और ट्रांसफार्मर फुंक जाने पर मजबूरी में ब्रेक डाउन होता है। गर्मी के मौसम में तार टूटने की समस्या बढ़ जाती है। बिजली को लेकर कोई अधिक समस्या नहीं है।
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अघोषित कटौती ने सबको रूलाया
हर वर्ग परेशान है। कस्बे में सरकार के 20-22 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश झूठे साबित हो रहे है। बिजली की लो वोल्टेज के कारण भी लोग परेशान है। किसानों के नलकूपों में कम वोल्टेज होने के कारण पानी नहीं निकलता। अक्सर नलकूपों के मोटर फुंक रहे है। अधिवक्ता अनिल कुमार, रणपाल सिंह, दुुकानदार सुरेन्द्र सहरावत, संदीप कुुुमार आदि का कहना है कि भीषण गर्मी मे बिजली के न आने से सभी लोग परेशान हो जाते है। ऑफिस, दुुकानों आदि पर काम नही हो पाता। देहातो में पीने के पानी की समस्या गंभीर हो रही है। एसडीओ ध्र्रुवचन्द का कहना है कि गर्मी के दिनो में ओवर लोड़ होने के कारण ट्रांसफार्मर सही काम नहीं कर पाते है। गर्मियों में फाल्ट अधिक होते है। इसी कारण से पूरी आपूर्ति नहीं दी जा सकती।
बिजली की अघोषित कटौती से जनता परेशान
खतौली। अघोषित बिजली कटौती से इस भीषण गर्मी में लोगों का हाल बेहाल है। एसडीओ मनोज कुमार ने बताया कि नगर में दिन में सरकार की घोषित रोस्टिंग दिन में 12.30 बजे से 2.30 बजे तक तथा रात मेें 9.15 बजे से 10.45 तक है। इसके अलावा करीब दो घंटा अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। इस तरह से मात्र नगर में 16-17 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण जेई वेदप्रकाश ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में रोस्टिंग के हिसाब से फिलहाल 10-12 घंटे की बिजली आपूर्ति की जा रही है।