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ई-रिक्शाओं पर शिकंजा कसेगा पालिका प्रशासन
Updated Wed, 09 May 2018 12:24 AM IST
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शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु करने की कवायद
मुजफ्फरनगर।
शहरी यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए पालिका अब ई-रिक्शा पर अंकुश लगाने की तैयारी कर रहा है। शहर में परिवहन विभाग में पंजीकृत और अपंजीकृत ई-रिक्शाओं का पंजीकरण निकाय में कराने के लिए पालिका प्रशासन 15 दिन का विशेष अभियान चलाएगा।
शहर में करीब तीन हजार ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है। ई-रिक्शा बैटरी चालित वाहन है, इसके लिए ये मोटरव्हैकिल एक्ट के तहत आता है और ऐसे सभी वाहनों का पंजीकरण परिवहन विभाग की शर्तों के अनुसार एआरटीओ कार्यालय में होना अनिवार्य है। इसी को लेकर पिछले दिनों शासन ने आदेश जारी कर इनका पंजीकरण कराने के आदेश दिए। एआरटीओ विभाग ने बड़ा अभियान चलाया और ई-रिक्शाओं का पंजीकरण कराया गया, लेकिन शत प्रतिशत पंजीकरण नहीं हो पाया है। वहीं, शहर में ई-रिक्शाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब पालिका रिक्शाओं का पंजीकरण कराने की तैयारी कर रही है। पालिका प्रशासन की ओर से 15 दिनों का विशेष अभियान चलाने की कवायद चल रही है। ईओ विकास सैन ने बताया कि नगर में अवैध ई-रिक्शाओं का संचालन होने के कारण यातायात व्यवस्था को चुनौती पैदा हो रही है। शहरी यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ई-रिक्शाओं का संचालन सही ढंग से कराया जाएगा। इसके लिए अभियान चलाकर वार्षिक लाइसेंस बनाने हेतु पंजीकरण होगा। ईओ का कहना है कि शासनादेश के अनुसार नगर क्षेत्र में संचालित होने वाले कामर्शियल वाहनों का पंजीकरण कराने का अधिकार पालिका को दिया गया। इसी शासनादेश के आधार पर दो सीटर से लेकर आठ सीटर कॉमर्शियल वाहनों का पंजीकरण भी इस अभियान के दौरान कराया जाएगा। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल का कहना है कि परिवहन विभाग में अभी तक 2667 ई- रिक्शाओं का पंजीकरण व्यवस्था के अनुसार कराया जा चुका है।
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मुजफ्फरनगर।
शहरी यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए पालिका अब ई-रिक्शा पर अंकुश लगाने की तैयारी कर रहा है। शहर में परिवहन विभाग में पंजीकृत और अपंजीकृत ई-रिक्शाओं का पंजीकरण निकाय में कराने के लिए पालिका प्रशासन 15 दिन का विशेष अभियान चलाएगा।
शहर में करीब तीन हजार ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है। ई-रिक्शा बैटरी चालित वाहन है, इसके लिए ये मोटरव्हैकिल एक्ट के तहत आता है और ऐसे सभी वाहनों का पंजीकरण परिवहन विभाग की शर्तों के अनुसार एआरटीओ कार्यालय में होना अनिवार्य है। इसी को लेकर पिछले दिनों शासन ने आदेश जारी कर इनका पंजीकरण कराने के आदेश दिए। एआरटीओ विभाग ने बड़ा अभियान चलाया और ई-रिक्शाओं का पंजीकरण कराया गया, लेकिन शत प्रतिशत पंजीकरण नहीं हो पाया है। वहीं, शहर में ई-रिक्शाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब पालिका रिक्शाओं का पंजीकरण कराने की तैयारी कर रही है। पालिका प्रशासन की ओर से 15 दिनों का विशेष अभियान चलाने की कवायद चल रही है। ईओ विकास सैन ने बताया कि नगर में अवैध ई-रिक्शाओं का संचालन होने के कारण यातायात व्यवस्था को चुनौती पैदा हो रही है। शहरी यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ई-रिक्शाओं का संचालन सही ढंग से कराया जाएगा। इसके लिए अभियान चलाकर वार्षिक लाइसेंस बनाने हेतु पंजीकरण होगा। ईओ का कहना है कि शासनादेश के अनुसार नगर क्षेत्र में संचालित होने वाले कामर्शियल वाहनों का पंजीकरण कराने का अधिकार पालिका को दिया गया। इसी शासनादेश के आधार पर दो सीटर से लेकर आठ सीटर कॉमर्शियल वाहनों का पंजीकरण भी इस अभियान के दौरान कराया जाएगा। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल का कहना है कि परिवहन विभाग में अभी तक 2667 ई- रिक्शाओं का पंजीकरण व्यवस्था के अनुसार कराया जा चुका है।
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