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दंपति को दो बेटों समेत तीन साल की सजा
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:50 AM IST
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दंपति को दो बेटों समेत तीन साल की सजा
मुजफ्फरनगर। मकान में खिड़की लगाने के विवाद को लेकर हुए झगड़े में हुई गृह स्वामी की मौत के मामले में अदालत ने दंपति और उनके दो बेटों को तीन वर्ष की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर कोतवाली पर 4 जुलाई 2008 को चुंगी नंबर दो लद्दावाला निवासी प्रीति ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि मकान में खिड़की लगाने को लेकर मोहल्ले के ही घनश्याम पक्ष से विवाद चल रहा था। तीन जुलाई 2008 की देर शाम को घनश्याम उसकी पत्नी कांता, बेटों कुलदीप, राजू ने मकान में घुस कर परिजनों पर धारदार हथियारों से हमला किया। हमलावरों ने उसके पिता कृष्ण कुमार, मां सरला और भाइयों अमित, सन्नी को गंभीर घायल कर दिया। सभी घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां से नाजुक अवस्था के कारण उसके पिता कृष्ण कुमार को मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ के चौरसिया नर्सिंगहोम में उपचार के दौरान उसके पिता कृष्ण कुमार की मौत हो गई। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे राजेश भारद्वाज की कोर्ट संख्या-15 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मुल्जिम घनश्याम, उसकी पत्नी कांता, बेटों कुलदीप और राजू को दोषी करार देते हुए धारा 304 (पार्ट 2) के तहत तीन-तीन साल की सजा, एक-एक हजार रुपया जुर्माना और धारा 504 के तहत छह महीने की सजा और पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। मकान में खिड़की लगाने के विवाद को लेकर हुए झगड़े में हुई गृह स्वामी की मौत के मामले में अदालत ने दंपति और उनके दो बेटों को तीन वर्ष की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर कोतवाली पर 4 जुलाई 2008 को चुंगी नंबर दो लद्दावाला निवासी प्रीति ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि मकान में खिड़की लगाने को लेकर मोहल्ले के ही घनश्याम पक्ष से विवाद चल रहा था। तीन जुलाई 2008 की देर शाम को घनश्याम उसकी पत्नी कांता, बेटों कुलदीप, राजू ने मकान में घुस कर परिजनों पर धारदार हथियारों से हमला किया। हमलावरों ने उसके पिता कृष्ण कुमार, मां सरला और भाइयों अमित, सन्नी को गंभीर घायल कर दिया। सभी घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां से नाजुक अवस्था के कारण उसके पिता कृष्ण कुमार को मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ के चौरसिया नर्सिंगहोम में उपचार के दौरान उसके पिता कृष्ण कुमार की मौत हो गई। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे राजेश भारद्वाज की कोर्ट संख्या-15 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मुल्जिम घनश्याम, उसकी पत्नी कांता, बेटों कुलदीप और राजू को दोषी करार देते हुए धारा 304 (पार्ट 2) के तहत तीन-तीन साल की सजा, एक-एक हजार रुपया जुर्माना और धारा 504 के तहत छह महीने की सजा और पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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