{"_id":"5a5511034f1c1b4a198b5b6f","slug":"31515524355-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कब्जामुक्त भूमि पर तारबंदी कराकर बोर्ड लगवाएं: डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कब्जामुक्त भूमि पर तारबंदी कराकर बोर्ड लगवाएं: डीएम
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित कर लें कि उनकी परिसंपत्तियों पर अवैध कब्जा अथवा अतिक्रमण न होने पाए। यदि कहीं कब्जा है तो एसडीएम से समन्वय स्थापित कर अपनी परिसंपत्तियों को कब्जामुक्त कराएं। बाद में यह जानकारी में आया कि किसी विभाग की भूमि पर अतिक्रमण है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
कलक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय एंटी भूमाफिया समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि ग्राम संपत्तियों का लेखा-जोखा ऑनलाइन होना चाहिए। अवैध कब्जा हटाने के बाद पोर्टल पर फीडिंग कराएं। तहसील दिवस में भूमि संबंधी अवैध कब्जे की शिकायतों को भी एंटी भू-माफिया पोर्टल पर डाला जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे करने वाले दबंगों के खिलाफ लोक संपत्ति निवारण अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराए जाए। करेक्टिड लैंड रिकॉर्ड रखने का दायित्व समस्त तहसीलदारों का है। डीएम ने बताया कि अवैध कब्जे वाली जमीनें अधिकांशत: अतिक्रमण मुक्त कराई जा चुकी है। अधिकारी ग्राम पंचायत की परिसंपत्तियों को कब्जामुक्त कराते समय तारबंदी कराकर बोर्ड भी लगवाएं। धारा 67 के निस्तारण का एक नक्शा भी बनाया जाए। उन्होंने तहसीलवार एवं विभागवार भूमि से कब्जा हटाए जाने और संबंधित कब्जाधारकों पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की। बैठक में एडीएम सियाराम मौर्य, एडीएम प्रशासन हरीश चंद्र, समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
कलक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय एंटी भूमाफिया समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि ग्राम संपत्तियों का लेखा-जोखा ऑनलाइन होना चाहिए। अवैध कब्जा हटाने के बाद पोर्टल पर फीडिंग कराएं। तहसील दिवस में भूमि संबंधी अवैध कब्जे की शिकायतों को भी एंटी भू-माफिया पोर्टल पर डाला जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे करने वाले दबंगों के खिलाफ लोक संपत्ति निवारण अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराए जाए। करेक्टिड लैंड रिकॉर्ड रखने का दायित्व समस्त तहसीलदारों का है। डीएम ने बताया कि अवैध कब्जे वाली जमीनें अधिकांशत: अतिक्रमण मुक्त कराई जा चुकी है। अधिकारी ग्राम पंचायत की परिसंपत्तियों को कब्जामुक्त कराते समय तारबंदी कराकर बोर्ड भी लगवाएं। धारा 67 के निस्तारण का एक नक्शा भी बनाया जाए। उन्होंने तहसीलवार एवं विभागवार भूमि से कब्जा हटाए जाने और संबंधित कब्जाधारकों पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की। बैठक में एडीएम सियाराम मौर्य, एडीएम प्रशासन हरीश चंद्र, समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन