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शहीद उधमसिंह के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि
Updated Wed, 01 Aug 2018 12:40 AM IST
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शहीद उधम सिंह का भावपूर्ण स्मरण
जानसठ। कस्बे में कांबोज समाज ने शहीद उधमसिंह कांबोज के 78वें बलिदान दिवस पर उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि शहीद उधमसिंह के बलिदान को पूरा देश कभी नहीं भूल सकता। देश के सपूतों के जीवन से प्रेरणा लेकर ही एक अच्छे समाज का निर्माण कर सकते हैं।
मोहल्ला मिश्रान में कांबोज समाज द्वारा शहीद उधमसिंह के बलिदान दिवस पर हवन पूजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष अशोक कांबोज ने कहा कि अंग्रेजों द्वारा जलियावाला बाग में हजारों भारतीयों को जनरल डायर द्वारा गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उन हजारों हत्याओं का बदला लेने के लिए सरदार उधम सिंह अपनी जान की परवाह ना करते हुए इंग्लैंड में जाकर जनरल डायर को गोली मार दी थी। अंग्रेजों ने जनरल डायर की हत्या के जुर्म में 31 जुलाई सन 1940 को उधमसिंह का फांसी दे दी थी। वे हंसते हंसते फांसी पर चढ़ गए। उनके बलिदान को पूरा देश कभी नहीं भुला सकता। इस अवसर पर रमेश चंद कांबोज, जसवंत कांबोज, निशांत कांबोज, अंकुर, सुनील, मुकेश, सचिन, बिजेंद्र, संजय, राहुल, राजेश, सुरेश, कुलदीप कांबोज आदि उपस्थित रहे।
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जानसठ। कस्बे में कांबोज समाज ने शहीद उधमसिंह कांबोज के 78वें बलिदान दिवस पर उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि शहीद उधमसिंह के बलिदान को पूरा देश कभी नहीं भूल सकता। देश के सपूतों के जीवन से प्रेरणा लेकर ही एक अच्छे समाज का निर्माण कर सकते हैं।
मोहल्ला मिश्रान में कांबोज समाज द्वारा शहीद उधमसिंह के बलिदान दिवस पर हवन पूजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष अशोक कांबोज ने कहा कि अंग्रेजों द्वारा जलियावाला बाग में हजारों भारतीयों को जनरल डायर द्वारा गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उन हजारों हत्याओं का बदला लेने के लिए सरदार उधम सिंह अपनी जान की परवाह ना करते हुए इंग्लैंड में जाकर जनरल डायर को गोली मार दी थी। अंग्रेजों ने जनरल डायर की हत्या के जुर्म में 31 जुलाई सन 1940 को उधमसिंह का फांसी दे दी थी। वे हंसते हंसते फांसी पर चढ़ गए। उनके बलिदान को पूरा देश कभी नहीं भुला सकता। इस अवसर पर रमेश चंद कांबोज, जसवंत कांबोज, निशांत कांबोज, अंकुर, सुनील, मुकेश, सचिन, बिजेंद्र, संजय, राहुल, राजेश, सुरेश, कुलदीप कांबोज आदि उपस्थित रहे।
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