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रजवाहे के पानी से किसानों की फसल जलमग्न
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:28 PM IST
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किसानों की 27 बीघा फसल जलमग्न
खतौली। गांव याहियापुर में रजबहे का पानी भरने से किसानों की करीब 27 बीघा फसल जलमग्न हो गई। पीड़ित किसानों ने एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान बताते हुए मुआवजे की मांग की है।
गांव याहियापुर में प्रतिवर्ष फसल में रजबहे का पानी भर जाता है, जिससे उनकी फसल को नुकसान पहुंचता है। रविवार को रजबहे का पानी भरने से किसान वेद प्रताप की नौ बीघा, राजेंद्र की चार बीघा, नीरज की चार बीघा तथा पुरुषोत्तम कुमार की करीब दस बीघा गन्ने तथा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने बताया कि लिसौड़ा माइनर का यह अंतिम छोर है। जब उन्हें आवश्यकता होती है तो पानी नहीं मिलता है। आगे के गांव के किसान पानी को टेल तक नहीं आने देते। जब पानी की आवश्यकता नहीं होती है तो किसान अपने खेतों का पानी रोक देते हैं। नतीजतन उनके खेत में पानी भर जाता है। इस संबंध में सिंचाई विभाग को कई बार अवगत कराया गया, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है। किसानों ने प्रशासन से फसल बर्बाद होने पर मुआवजे की मांग की है।
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खतौली। गांव याहियापुर में रजबहे का पानी भरने से किसानों की करीब 27 बीघा फसल जलमग्न हो गई। पीड़ित किसानों ने एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान बताते हुए मुआवजे की मांग की है।
गांव याहियापुर में प्रतिवर्ष फसल में रजबहे का पानी भर जाता है, जिससे उनकी फसल को नुकसान पहुंचता है। रविवार को रजबहे का पानी भरने से किसान वेद प्रताप की नौ बीघा, राजेंद्र की चार बीघा, नीरज की चार बीघा तथा पुरुषोत्तम कुमार की करीब दस बीघा गन्ने तथा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने बताया कि लिसौड़ा माइनर का यह अंतिम छोर है। जब उन्हें आवश्यकता होती है तो पानी नहीं मिलता है। आगे के गांव के किसान पानी को टेल तक नहीं आने देते। जब पानी की आवश्यकता नहीं होती है तो किसान अपने खेतों का पानी रोक देते हैं। नतीजतन उनके खेत में पानी भर जाता है। इस संबंध में सिंचाई विभाग को कई बार अवगत कराया गया, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है। किसानों ने प्रशासन से फसल बर्बाद होने पर मुआवजे की मांग की है।
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