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जिले के किसानों के गन्ने का होगा रि-सर्वे
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:04 AM IST
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मुजफ्फरनगर। खेतों में खड़े गन्ने की समस्या से किसानों को गन्ना विभाग जल्द राहत देगा। गन्ने का उत्पादन बढ़ जाने से गन्ना आयुक्त ने किसानों का अतिरिक्त गन्ना खरीदने के लिए रि-सर्वे कराने का आदेश दिया है। यह सर्वे एक सप्ताह में पूरा करने के लिए कहा गया है। सर्वे का काम पूरा होते ही किसानों को मिल की पर्चियां जारी कर दी जाएंगी।
जिले में इस सत्र में गन्ने का रिकार्ड उत्पादन हुआ है। सरकारी क्रॉप कटिंग के आंकड़े माने तो पूरे जिले में छह प्रतिशत उत्पादन बढ़ा है। किसानों की माने तो 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी उत्पादन में हुई है। गन्ने का उत्पादन बढ़ने से किसानों के सामने गन्ना पर्चियों की समस्या खड़ी हो गई है। पर्ची खत्म हो गई है और गन्ना अभी भी खेतों में है। किसानों की समस्या को देखते हुए प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने डीसीओ को दोबारा गन्ने का सर्वे कराने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश में कहा गया है कि कामदार गांवों में मौके पर जाकर देखें कि किसानों के खेतों में गन्ने की क्या स्थिति है। किसानों के खेतों में जितना गन्ना है, उसी के हिसाब से उन्हें पर्ची जारी की जाएं। जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि पुन: सर्वे का कार्य एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। उनका यह प्रयास रहेगा कि कर्मचारी हर गांव में मौके पर जाकर किसानों के खेतों का सर्वे करे। किसानों के खेतों में जितना गन्ना बचा है, वह सभी चीनी मिल खरीदेगी। बचे हुए गन्ने के हिसाब से ही किसानों को पर्चियां जारी की जाएंगी।
दस मार्च तक पूरा करें सर्वे
मुजफ्फरनगर। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत का कहना है कि इस समय गन्ना किसान के सब्र का बांध टूट रहा है। गन्ने के सर्वे का काम दस मार्च तक पूरा हो जाना चाहिए। इसमें देरी होने से किसान के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि गन्ना विभाग ने पर्ची जारी करने में देर की तो भाकियू 15 मार्च से कलक्ट्रेट में अफसरों के कार्यालयों में गन्ना भर देगी।
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जिले में इस सत्र में गन्ने का रिकार्ड उत्पादन हुआ है। सरकारी क्रॉप कटिंग के आंकड़े माने तो पूरे जिले में छह प्रतिशत उत्पादन बढ़ा है। किसानों की माने तो 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी उत्पादन में हुई है। गन्ने का उत्पादन बढ़ने से किसानों के सामने गन्ना पर्चियों की समस्या खड़ी हो गई है। पर्ची खत्म हो गई है और गन्ना अभी भी खेतों में है। किसानों की समस्या को देखते हुए प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने डीसीओ को दोबारा गन्ने का सर्वे कराने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश में कहा गया है कि कामदार गांवों में मौके पर जाकर देखें कि किसानों के खेतों में गन्ने की क्या स्थिति है। किसानों के खेतों में जितना गन्ना है, उसी के हिसाब से उन्हें पर्ची जारी की जाएं। जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि पुन: सर्वे का कार्य एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। उनका यह प्रयास रहेगा कि कर्मचारी हर गांव में मौके पर जाकर किसानों के खेतों का सर्वे करे। किसानों के खेतों में जितना गन्ना बचा है, वह सभी चीनी मिल खरीदेगी। बचे हुए गन्ने के हिसाब से ही किसानों को पर्चियां जारी की जाएंगी।
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दस मार्च तक पूरा करें सर्वे
मुजफ्फरनगर। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत का कहना है कि इस समय गन्ना किसान के सब्र का बांध टूट रहा है। गन्ने के सर्वे का काम दस मार्च तक पूरा हो जाना चाहिए। इसमें देरी होने से किसान के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि गन्ना विभाग ने पर्ची जारी करने में देर की तो भाकियू 15 मार्च से कलक्ट्रेट में अफसरों के कार्यालयों में गन्ना भर देगी।
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