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जहरीले पानी से शुक्रताल गंगा में मछलियां मरीं

Thu, 06 Jul 2017 12:20 AM IST
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:20 AM IST
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जहरीले पानी से शुक्रताल गंगा में मछलियां मरीं
शुक्रताल गंगा में मछलियां मरीं, लोगों ने मंत्री बालियान से की शिकायत
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। उत्तराखंड की फैक्ट्रियों से बाण गंगा में छोड़े गए केमिकल युक्त जहरीले पानी से शुक्रताल गंगा में हजारों मछलियां मर गई हैं। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान करना बंद कर दिया। सूचना मिलते ही साधु-संतों, घाट के पुजारियों और ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। गंगा घाट पहुंचे केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान को ग्रामीणों ने मामले से अवगत कराया। इस पर उन्होंने जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई कराने की बात कही।
कई वर्षों से उत्तराखंड के लक्सर कस्बे में स्थित आधा दर्जन फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त और गंदे नाले के पानी को बरसात के दिनों में बाण गंगा में छोड़ दिया जाता है, जिसके कारण मछलियां मौत का शिकार हो जाती हैं। पिछले साल लक्सर की एक फैक्ट्री को कानूनी कार्रवाई के तहत सील किया गया था। कई बार रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। शुक्रताल निवासी रमेश चंद वर्मा ने बताया कि गंगा में काला जहरीला पानी आने और मछलियों की मौत होने पर नगर के धर्मेंद्र शर्मा ने भोपा थाने में 18 अप्रैल 2012 को लक्सर शुगर मिल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था, फिर गंदा विषैला पानी आने पर रमेश चंद वर्मा ने 27 जनवरी 2016 को मुकदमा दर्ज कराया। 30 जून 2016 में जहरीले पानी को लेकर ग्राम प्रधान सुशील शर्मा ने भोपा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आज तक सरकार की ओर से ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बताया कि पिछले साल 2016 में लक्सर में फैक्ट्रियों द्वारा बाण गंगा में गंदा पानी छोड़े जाने को लेकर फैक्ट्री सील की गई थी, जो आज तक लगी है। इस मामले में उत्तराखंड सरकार से बात की जाएगी।
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छोड़ा जाता है बाण गंगा में दूषित पानी
लक्सर कस्बे में बड़ी फैक्ट्रियां लगी हुई हैं। जिनसे रात के समय अंडरग्राउंड पाइपों के माध्यम से सफाई किए पानी को कस्बे के नाले में छोड़ा जाता है, जो करीब 13 किलोमीटर की दूरी के दौरान कस्बे से एक किलोमीटर दूर गांव डीरू से होकर करीब 6 किलोमीटर पर इदरीशपुर आता है। दो किलोमीटर दूर कच्चे गंगा बांध के बराबर से होते हुए बाण गंगा में आकर मिलता है।
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