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वाल्मीकि समाज ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:12 AM IST
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वाल्मीकि समाज ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। एससी-एसटी कानून में संशोधन के विरोध में वाल्मीकि समाज के लोगों ने कुल्लनदेवी के नेतृत्व में डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन डीएम को दिया।
राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने जो संशोधन किया है, इससे एससी और एसटी के लोगों में आक्रोश है। यह एक्ट एससी और एसटी समाज को सुरक्षा और सम्मान देने का काम करता था। दबंग और शोषणकारी लोग दलितों पर अत्याचार करने से पहले कई बार सोचने को मजबूर होते थे। यह एक्ट शोषण और दमन को रोकने का काम करता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यह एक्ट निष्प्रभावी हो जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के सुशील झंझोट, कस्तूर सिंह स्नेही, नरेश नंदन, सुक्कड़ सिंह आदि शामिल रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। एससी-एसटी कानून में संशोधन के विरोध में वाल्मीकि समाज के लोगों ने कुल्लनदेवी के नेतृत्व में डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन डीएम को दिया।
राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने जो संशोधन किया है, इससे एससी और एसटी के लोगों में आक्रोश है। यह एक्ट एससी और एसटी समाज को सुरक्षा और सम्मान देने का काम करता था। दबंग और शोषणकारी लोग दलितों पर अत्याचार करने से पहले कई बार सोचने को मजबूर होते थे। यह एक्ट शोषण और दमन को रोकने का काम करता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यह एक्ट निष्प्रभावी हो जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के सुशील झंझोट, कस्तूर सिंह स्नेही, नरेश नंदन, सुक्कड़ सिंह आदि शामिल रहे।
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