फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   अब चार अफसर करेंगे उत्कल हादसे की जांच

अब चार अफसर करेंगे उत्कल हादसे की जांच

Thu, 23 Nov 2017 01:18 AM IST
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
अब चार अफसर करेंगे  उत्कल हादसे की जांच
मुजफ्फरनगर।
विज्ञापन

खतौली के उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की जांच अब चार अधिकारी करेंगे। मुख्य विवेचक सीओ जीआरपी गाजियाबाद बनाए गए हैं, जबकि चार सहायक विवेचक तफ्तीश के लिए जोड़े गए हैं। इसके लिए जीआरपी को रेलवे ने मंजूरी दी है। उधर, हादसे के बाद से खतौली में ट्रेनें रफ्तार नहीं पकड़ सकी हैं। चार माह बाद भी ट्रेनों को 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से निकाला जा रहा है।
बीते 18 अगस्त को पुरी से हरिद्वार के लिए चली उत्कल कलिंग एक्सप्रेस ट्रेन खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में मौके पर 22 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि पांच लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ा है। वहीं, एक मृतक रामप्रकाश दास की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। रेलवे और जीआरपी ने मामले की तत्काल जांच के लिए सीओ जीआरपी गाजियाबाद को नियुक्त किया था। हादसा भीषण होने के कारण अकेले सीओ जीआरपी जांच नहीं कर पा रहे हैं। इस पर रेलवे बोर्ड ने भी जीआरपी से जवाब मांगा था। बड़ा हादसा होने के कारण इसकी गहराई तक जांच करने के लिए जीआरपी ने अतिरिक्त अधिकारी जोड़ने का प्रस्ताव किया था। जिसे रेलवे और जीआरपी के उच्चधिकारियों ने मंजूर कर लिया।
विज्ञापन

अब उत्कल एक्सप्रेस हादसे की जांच में मुख्य विवेचक सीओ जीआरपी गाजियाबाद रूपेश कुमार, सहायक विवेचक मुजफ्फरनगर जीआरपी एसओ कृष्ण अवतार सिंह, मेरठ जीआरपी एसओ विनय कुमार और जीआरपी एसआई (मुजफ्फरनगर) जगत सिंह नियुक्त किए गए हैं। सीओ जीआरपी रुपेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है। पूर्व की जांच के साथ दोबारा से रेलवे कर्मचारियों, अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


खतौली में नहीं बढ़ सकी रफ्तार
मुजफ्फरनगर। खतौली रेलवे लाइन पर 19 अगस्त से हुए हादसे के बाद ट्रेनों की रफ्तार यहां बढ़ नहीं सकी है। हादसे से पहले अधिकांश ट्रेनों को 100, 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से निकाला जाता है। अब यह ट्रेनों यहां पर 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है। चार माह बाद भी ट्रेनों की चाल खतौली में धीमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed