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प्रदूषण के कारण गंगा का पानी हुआ काला
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:31 AM IST
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फैक्ट्रियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मोरना (मुजफ्फरनगर)। प्रदेश में योगी की सरकार में श्रद्धालुओं की आस्था पर कड़ा प्रहार किया गया है। उत्तराखंड क्षेत्र की फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े गए पानी से गंगा नदी का पवित्र जल मैला हो गया है। भाजपा नेता अमित राठी की तहरीर पर भोपा थाने पर उत्तराखंड के लक्सर की फैक्ट्रियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल प्रदूषण टीम ने गंगा घाट पर जल के नमूने भरे हैं।
गंगा की सफाई के दावे करने वाली सरकार धरातल पर शून्य दिखाई दे रही है। मानव जाति को भौतिक सुख प्रदान करने वाले कारखाने गंगा के दामन को मैला कर रहे हैं। हरिद्वार के बाद सबसे पहले गंगा किनारे तीर्थ स्थल शुक्रताल में गंगा की धारा प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान कर पुण्य के भागीदार बनते हैं, लेकिन फैक्ट्रियों द्वारा गंगा में दूषित पानी छोड़ने से जलीय जीव-जंतुओं की मौत हो रही हैं। कई बार मुकदमे दर्ज होने के बाद भी कानूनी कार्रवाई शून्य है। शुक्रताल में माहमंलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि महाराज, स्वामी जगपाल वैध, स्वामी महानंद महाराज, स्वामी दंडी स्वामी भक्ति भूषण महाराज, स्वामी राजेंद्र महाराज, माता राजनन्देश्वरी, आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री, प्रधान सुशील शर्मा, चौधरी सुरेंद्र, मदनपाल, धर्मेंद्र शर्मा, गोविंद शुक्ला आदि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हिंदू आस्था पर हो रहे इस अत्याचार को रोकने को कारगर कदम उठाने और सीबीसीआईडी से इसकी जांच कराने की मांग की है।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। प्रदेश में योगी की सरकार में श्रद्धालुओं की आस्था पर कड़ा प्रहार किया गया है। उत्तराखंड क्षेत्र की फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े गए पानी से गंगा नदी का पवित्र जल मैला हो गया है। भाजपा नेता अमित राठी की तहरीर पर भोपा थाने पर उत्तराखंड के लक्सर की फैक्ट्रियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल प्रदूषण टीम ने गंगा घाट पर जल के नमूने भरे हैं।
गंगा की सफाई के दावे करने वाली सरकार धरातल पर शून्य दिखाई दे रही है। मानव जाति को भौतिक सुख प्रदान करने वाले कारखाने गंगा के दामन को मैला कर रहे हैं। हरिद्वार के बाद सबसे पहले गंगा किनारे तीर्थ स्थल शुक्रताल में गंगा की धारा प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान कर पुण्य के भागीदार बनते हैं, लेकिन फैक्ट्रियों द्वारा गंगा में दूषित पानी छोड़ने से जलीय जीव-जंतुओं की मौत हो रही हैं। कई बार मुकदमे दर्ज होने के बाद भी कानूनी कार्रवाई शून्य है। शुक्रताल में माहमंलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि महाराज, स्वामी जगपाल वैध, स्वामी महानंद महाराज, स्वामी दंडी स्वामी भक्ति भूषण महाराज, स्वामी राजेंद्र महाराज, माता राजनन्देश्वरी, आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री, प्रधान सुशील शर्मा, चौधरी सुरेंद्र, मदनपाल, धर्मेंद्र शर्मा, गोविंद शुक्ला आदि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हिंदू आस्था पर हो रहे इस अत्याचार को रोकने को कारगर कदम उठाने और सीबीसीआईडी से इसकी जांच कराने की मांग की है।
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