{"_id":"5b5a26e14f1c1bb8538b571a","slug":"191532634849-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिस्ट्रिक्ट गुड एक्सपोर्ट कांउसिंल का गठन होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिस्ट्रिक्ट गुड एक्सपोर्ट कांउसिंल का गठन होगा
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिस्ट्रिक्ट गुड़ एक्सपोर्ट काउंसिल का गठन होगा
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि यहां एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी है। जिले में कोल्हू लगभग तीन अरब का गन्ना खरीदते हैं। गुड़ की गुणवत्ता बढ़ाकर दूसरे देशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट गुड़ एक्सपोर्ट काउंसिल का गठन होगा। हम गुड़ को एक सौ रुपये किलो तक बेच सकते हैं।
जिला पंचायत सभागार में एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत गुड़ उद्योग से जुडे़ व्यापारियों की बैठक में डीएम ने कहा कि गन्ना एवं उसके उत्पादों से 35 अरब जिले की जनता के पास आता है। गन्ने के उत्पादों का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए उर्वरकों और पेस्टीसाइड का उपयोग बंद कर गोबर की खाद का इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने कहा कि गुड़ निर्माण के समय केमिकल का प्रयोग न करे। केमिकल के उपयोग से गुड़ की अच्छी कीमत नहीं मिल पाती है। पंजाब का किसान अपने गुड़ को 70-80 रुपये प्रति किलो बेचता है। यहां केवल 30 से 40 रुपये किलो तक ही बिक रहा है। सरकार प्रदेश में गुड़ की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कराने जा रही है। शुगर फ्री गुड़ बनाए। गुड़ में अन्य चीजें मिलाकर हम उसे पौष्टिक और स्वादिष्ट बना सकते हैं। दिल्ली और यूरोपीय देशों में औषधि युक्त गुड़ का भाव पांच हजार रुपये प्रति किलो तक है। 60 आइटम गुड़ से तैयार किए जा सकते है। जिले में डिस्ट्रिक्ट गुड एक्सपोर्ट काउंसिल का गठन कराया जाएगा। जिले के उद्यमियों और व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार खोजने के साथ साथ गुड़ की गुणवत्ता में सुधार करना है। गोष्ठी में डॉ दिलीप कुमार शर्मा मुख्य वैज्ञानिक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ शुगर केन रिसर्च, मंत्रालय में सलाहकार डॉ कविता त्यागी ने कहा कि गुड़ को औषधि युक्त बनाया जाए। प्रगतिशील किसान संजय सैनी ने औषधि गुणों से युक्त गुड़ तैयार करके उसकी किस प्रकार मार्केटिंग की जाने के बारे में बताया। सीडीओ अर्चना वर्मा, एडीएम प्रशासन हरीश चंद्र, एडीएम वित्त सियाराम मौर्य आदि रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि यहां एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी है। जिले में कोल्हू लगभग तीन अरब का गन्ना खरीदते हैं। गुड़ की गुणवत्ता बढ़ाकर दूसरे देशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट गुड़ एक्सपोर्ट काउंसिल का गठन होगा। हम गुड़ को एक सौ रुपये किलो तक बेच सकते हैं।
जिला पंचायत सभागार में एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत गुड़ उद्योग से जुडे़ व्यापारियों की बैठक में डीएम ने कहा कि गन्ना एवं उसके उत्पादों से 35 अरब जिले की जनता के पास आता है। गन्ने के उत्पादों का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए उर्वरकों और पेस्टीसाइड का उपयोग बंद कर गोबर की खाद का इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने कहा कि गुड़ निर्माण के समय केमिकल का प्रयोग न करे। केमिकल के उपयोग से गुड़ की अच्छी कीमत नहीं मिल पाती है। पंजाब का किसान अपने गुड़ को 70-80 रुपये प्रति किलो बेचता है। यहां केवल 30 से 40 रुपये किलो तक ही बिक रहा है। सरकार प्रदेश में गुड़ की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कराने जा रही है। शुगर फ्री गुड़ बनाए। गुड़ में अन्य चीजें मिलाकर हम उसे पौष्टिक और स्वादिष्ट बना सकते हैं। दिल्ली और यूरोपीय देशों में औषधि युक्त गुड़ का भाव पांच हजार रुपये प्रति किलो तक है। 60 आइटम गुड़ से तैयार किए जा सकते है। जिले में डिस्ट्रिक्ट गुड एक्सपोर्ट काउंसिल का गठन कराया जाएगा। जिले के उद्यमियों और व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार खोजने के साथ साथ गुड़ की गुणवत्ता में सुधार करना है। गोष्ठी में डॉ दिलीप कुमार शर्मा मुख्य वैज्ञानिक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ शुगर केन रिसर्च, मंत्रालय में सलाहकार डॉ कविता त्यागी ने कहा कि गुड़ को औषधि युक्त बनाया जाए। प्रगतिशील किसान संजय सैनी ने औषधि गुणों से युक्त गुड़ तैयार करके उसकी किस प्रकार मार्केटिंग की जाने के बारे में बताया। सीडीओ अर्चना वर्मा, एडीएम प्रशासन हरीश चंद्र, एडीएम वित्त सियाराम मौर्य आदि रहे।
विज्ञापन