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काकोरी कांड के शहीदों का भावपूर्ण स्मरण किया
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:02 AM IST
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मुजफ्फरनगर। ग्रीनलैंड माडर्न जूनियर हाईस्कूल में सभी छात्र-छात्राओं और अध्यापकों ने काकोरी कांड के देशभक्त शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अश्फाक उल्ला खां और राजेंद्र नाथ लाहोडी को याद किया। इनके बलिदान दिवस पर यज्ञ में वेद मंत्रों से आहुति देकर नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि शहीदों के बलिदान का फल ही स्वतंत्रता है। नवपीढ़ी का चरित्र निर्माण शहीदों के जीवन की शिक्षाओं पर आचरण करने से हो सकता है। नि:स्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करना ही शहीदों का एकमात्र संकल्प था। रामप्रसाद बिस्मिल को आर्य समाज के उपदेश सुनकर और सत्यप्रकाश पढ़कर स्वदेश प्रेम की भावना पैदा हुई थी। देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि देश की एकता एवं अखंडता के लिए देशभक्ति की भावना का पालन करें। आज आतंक, सांप्रदायिकता और जातीय संकीर्णता जैसी दूषित मानसिकता ने देश की गरिमा को क्षति पहुंचाई है। प्रधानाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि विद्यालयों में देशभक्तों व शहीदों के चित्र लगने चाहिए। राष्ट्रीय भावना से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। साक्षी और शालू यज्ञमान रही। सोनिया, संगीता, सुदेश आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि शहीदों के बलिदान का फल ही स्वतंत्रता है। नवपीढ़ी का चरित्र निर्माण शहीदों के जीवन की शिक्षाओं पर आचरण करने से हो सकता है। नि:स्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करना ही शहीदों का एकमात्र संकल्प था। रामप्रसाद बिस्मिल को आर्य समाज के उपदेश सुनकर और सत्यप्रकाश पढ़कर स्वदेश प्रेम की भावना पैदा हुई थी। देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि देश की एकता एवं अखंडता के लिए देशभक्ति की भावना का पालन करें। आज आतंक, सांप्रदायिकता और जातीय संकीर्णता जैसी दूषित मानसिकता ने देश की गरिमा को क्षति पहुंचाई है। प्रधानाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि विद्यालयों में देशभक्तों व शहीदों के चित्र लगने चाहिए। राष्ट्रीय भावना से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। साक्षी और शालू यज्ञमान रही। सोनिया, संगीता, सुदेश आदि मौजूद रहे।
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