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आनलाइन होगा डिस्पेसिंग मशीनों का सत्यापन
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:14 AM IST
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लाइसेंस के लिए आनलाइन होंगे आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। विधिक माप विज्ञान विभाग की सेवाओं को आनलाइन कर दिया गया है। सूबे के मुजफ्फरनगर सहित कुल नौ जनपदों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना गया है। मुजफ्फरनगर के अलावा फैजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गोरखपुर, हापुड़, कौशांबी, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, वाराणसी और झांसी में इसे लागू कर दिया गया है। विधिक माप विज्ञान विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश कुमार प्रजापति ने बताया कि इसमें पेट्रोलियम उत्पादों की डिस्पेसिंग मशीनों के सत्यापन कर सीलिंग करने का कार्य होने लगा है। ऑनलाइन सत्यापन में डिस्पेसिंग मशीनों के सत्यापन में मशीन में दिखाए गए और वास्तव में निकाले गए उत्पाद के बीच शुद्धता को प्रमाणित करना है। सत्यापन प्रमाण पत्र से मिलान करने पर तत्काल पता चल जाएगा कि मशीन में कोई बदलाव किया गया है। यदि मशीन में कोई खराबी आती है तो ऑनलाइन आवेदन करना होगा। विधिक माप विज्ञान अधिकारी की उपस्थिति में ही सुधार किया जा सकेगा। इसके अलावा पैकेजिंग कार्य करने वाली संस्थाऐं ‘निवेश-मित्र’ पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिये ऑनलाइन आवेदन करेंगी। इसी पोर्टल से विभाग लाइसेंस के लिये भी आवेदन किया जा सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। विधिक माप विज्ञान विभाग की सेवाओं को आनलाइन कर दिया गया है। सूबे के मुजफ्फरनगर सहित कुल नौ जनपदों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना गया है। मुजफ्फरनगर के अलावा फैजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गोरखपुर, हापुड़, कौशांबी, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, वाराणसी और झांसी में इसे लागू कर दिया गया है। विधिक माप विज्ञान विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश कुमार प्रजापति ने बताया कि इसमें पेट्रोलियम उत्पादों की डिस्पेसिंग मशीनों के सत्यापन कर सीलिंग करने का कार्य होने लगा है। ऑनलाइन सत्यापन में डिस्पेसिंग मशीनों के सत्यापन में मशीन में दिखाए गए और वास्तव में निकाले गए उत्पाद के बीच शुद्धता को प्रमाणित करना है। सत्यापन प्रमाण पत्र से मिलान करने पर तत्काल पता चल जाएगा कि मशीन में कोई बदलाव किया गया है। यदि मशीन में कोई खराबी आती है तो ऑनलाइन आवेदन करना होगा। विधिक माप विज्ञान अधिकारी की उपस्थिति में ही सुधार किया जा सकेगा। इसके अलावा पैकेजिंग कार्य करने वाली संस्थाऐं ‘निवेश-मित्र’ पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिये ऑनलाइन आवेदन करेंगी। इसी पोर्टल से विभाग लाइसेंस के लिये भी आवेदन किया जा सकता है।