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सिद्धपीठ महादेव मंदिर पर संतों का समागम
Updated Sun, 23 Sep 2018 12:24 AM IST
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चरथावल। सिद्धपीठ प्राचीन महादेव मंदिर पर खिचड़ी वाले बाबा के शिष्य श्रवणदास ने 40 दिवसीय दिन की तपस्या की है। शनिवार को मंदिर प्रांगण दूरदराज के संतों का समागम हुआ। मंदिर पर चल रहे रामायण के अखंड पाठ में कस्बे के अलावा आसपास के श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
राष्ट्र की समृद्धि एवं खुशहाली के लिए शुक्रताल के बाबा खिचड़ी वाले बाबा महंत कृपाल दास के परम शिष्य श्रवण दास ने धुनी पर 40 दिन तक तपरूा की। सुबह चार बजे से भक्ति में लीन होकर शाम तक प्रभु की भक्ति में लीन रहे। 15 अगस्त से शुरू हुई तपस्या विशाल भंडारे के साथ आज रविवार को समाप्त होगी। महंत कृपाल दास बताते है कि दूरदराज से आकर संतों द्वारा अखंड रामायाण और हनुमान चालीसा का पाठ कराया जा रहा है। इस मंदिर पर गोरखनाथ के वंशजों का वास रहा है। तीन दशकों के दौरान मंदिर पर वह पांचवी तपस्या करते है। शाहजहांपुर गढ़ के लालदास गोविंदपुर, तुगलपुर कम्हेड़ा के रामशरण दास, नवादा हापुड़ के महंत बसंत दास, कुटेसर चौपला संभावली के महंत कन्हैया दास, गंगौली प्रकाश मुनि, नौरंगाबाद प्रीतम दास, ब्रजघाट के महंत गंगादास आदि ने अखंड पाठ किया। देवदत्त त्यागी, आदेश कुमार, विनेश त्यागी, कुबेरदत्त त्यागी, अशोक त्यागी महाबलीपुर, कन्नू त्यागी, रविप्रकाश त्यागी का सहयोग रहा।
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राष्ट्र की समृद्धि एवं खुशहाली के लिए शुक्रताल के बाबा खिचड़ी वाले बाबा महंत कृपाल दास के परम शिष्य श्रवण दास ने धुनी पर 40 दिन तक तपरूा की। सुबह चार बजे से भक्ति में लीन होकर शाम तक प्रभु की भक्ति में लीन रहे। 15 अगस्त से शुरू हुई तपस्या विशाल भंडारे के साथ आज रविवार को समाप्त होगी। महंत कृपाल दास बताते है कि दूरदराज से आकर संतों द्वारा अखंड रामायाण और हनुमान चालीसा का पाठ कराया जा रहा है। इस मंदिर पर गोरखनाथ के वंशजों का वास रहा है। तीन दशकों के दौरान मंदिर पर वह पांचवी तपस्या करते है। शाहजहांपुर गढ़ के लालदास गोविंदपुर, तुगलपुर कम्हेड़ा के रामशरण दास, नवादा हापुड़ के महंत बसंत दास, कुटेसर चौपला संभावली के महंत कन्हैया दास, गंगौली प्रकाश मुनि, नौरंगाबाद प्रीतम दास, ब्रजघाट के महंत गंगादास आदि ने अखंड पाठ किया। देवदत्त त्यागी, आदेश कुमार, विनेश त्यागी, कुबेरदत्त त्यागी, अशोक त्यागी महाबलीपुर, कन्नू त्यागी, रविप्रकाश त्यागी का सहयोग रहा।
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