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दूसरे दिन भी क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने चढ़ाया प्रसाद
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:40 AM IST
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दूधली म्हाड़ी पर भक्तों ने मत्था टेका
चरथावल। एतिहासिक म्हाड़ी दूधली पर लाखों श्रद्धालुओं ने निशान और प्रसाद चढ़ाकर परिवार के खुशहाली की कामना की।
मंगलवार रात ढाई बजे तक दूरदराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कतार में लगे श्रद्धालुओं में पवित्र निशान और छड़ी चढ़ाने की पूरी रात होड़ मची थी। श्रद्धालुओं ने गोगा के दरबार में मन्नतें मांगी। प्रधान के पति रवींद्र सिंह ने बताया कि म्हाड़ी पर इस बार करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। पूरी रात गांव गोगामय रहा। रात करीब दो बजे तक पांच-पांच कतारों में श्रद्धालुओं ने लगकर पवित्र निशान और प्रसाद चढ़ाया। रात में भीड़ बढ़ जाने के बावजूद लाइन में लगे श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ। भीड़ बढ़ने के कारण बेरिकेडिंग टूट गई। थाना प्रभारी विंध्याचल तिवारी और बिरालसी प्रभारी प्रदीप नादर के साथ पूरी रात म्हाड़ी स्थल पर डटे रहे। पुलिस बल को इंतजाम करने में पसीने छूट गए। दरअसल, सहारनपुर सीएम के कार्यक्रम में काफी फोर्स चली गई थी। इससे रात में फोर्स की कमी खलती रही। बुधवार को दूधली के अलावा आसपास गांवों से बड़ी संख्या में गोगा भक्तों ने म्हाड़ी पर आकर मत्था टेका। मेले में सजे मौत का कुआं, झूले, मेजिकल सर्कंस में दर्शकों ने लुत्फ उठाया। दुकानों पर भारी भीड़ रही।
कई प्रांतों के पहलवानों ने अखाड़े में दिखाया दमखम
चरथावल। तीन दिवसीय मेले में चल रहे दंगल में कई जिलों के पहलवानों ने दमखम दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज के मैदान पर दूसरे दिन दंगल में पहलवानों ने ग्रामीणों को दांव पेंच दिखाकर रोमांचित किया। आयोजक भीम आर्य और मुकेश त्यागी न्यामू ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कई जनपदों के नामचीन पहलवानों ने उम्दा कुश्तियों में इनाम जीते। निर्मल जलालाबाद और विकास कोहंड हरियाणा और भूरा दूधली और शेरू जलालाबाद की कुश्ती बराबर पर छूटीं। प्रमुख कुश्तियों में शुभम सोहनपुर और शहरूप जलालाबाद, अमल रोहाणा, उदित लिब्बरहेड़ी और नसीम जलालाबाद, और काला तल्हेड़ी की कुश्तियों ने मनोरंजन किया। उदय सिंह, ओमबीर आर्य, रामभूल सिंह, अख्तर दूधली, जगता, श्रवण, जोनी आर्य, कालू, सोनू राणा का सहयोग रहा।
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चरथावल। एतिहासिक म्हाड़ी दूधली पर लाखों श्रद्धालुओं ने निशान और प्रसाद चढ़ाकर परिवार के खुशहाली की कामना की।
मंगलवार रात ढाई बजे तक दूरदराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कतार में लगे श्रद्धालुओं में पवित्र निशान और छड़ी चढ़ाने की पूरी रात होड़ मची थी। श्रद्धालुओं ने गोगा के दरबार में मन्नतें मांगी। प्रधान के पति रवींद्र सिंह ने बताया कि म्हाड़ी पर इस बार करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। पूरी रात गांव गोगामय रहा। रात करीब दो बजे तक पांच-पांच कतारों में श्रद्धालुओं ने लगकर पवित्र निशान और प्रसाद चढ़ाया। रात में भीड़ बढ़ जाने के बावजूद लाइन में लगे श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ। भीड़ बढ़ने के कारण बेरिकेडिंग टूट गई। थाना प्रभारी विंध्याचल तिवारी और बिरालसी प्रभारी प्रदीप नादर के साथ पूरी रात म्हाड़ी स्थल पर डटे रहे। पुलिस बल को इंतजाम करने में पसीने छूट गए। दरअसल, सहारनपुर सीएम के कार्यक्रम में काफी फोर्स चली गई थी। इससे रात में फोर्स की कमी खलती रही। बुधवार को दूधली के अलावा आसपास गांवों से बड़ी संख्या में गोगा भक्तों ने म्हाड़ी पर आकर मत्था टेका। मेले में सजे मौत का कुआं, झूले, मेजिकल सर्कंस में दर्शकों ने लुत्फ उठाया। दुकानों पर भारी भीड़ रही।
कई प्रांतों के पहलवानों ने अखाड़े में दिखाया दमखम
चरथावल। तीन दिवसीय मेले में चल रहे दंगल में कई जिलों के पहलवानों ने दमखम दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज के मैदान पर दूसरे दिन दंगल में पहलवानों ने ग्रामीणों को दांव पेंच दिखाकर रोमांचित किया। आयोजक भीम आर्य और मुकेश त्यागी न्यामू ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कई जनपदों के नामचीन पहलवानों ने उम्दा कुश्तियों में इनाम जीते। निर्मल जलालाबाद और विकास कोहंड हरियाणा और भूरा दूधली और शेरू जलालाबाद की कुश्ती बराबर पर छूटीं। प्रमुख कुश्तियों में शुभम सोहनपुर और शहरूप जलालाबाद, अमल रोहाणा, उदित लिब्बरहेड़ी और नसीम जलालाबाद, और काला तल्हेड़ी की कुश्तियों ने मनोरंजन किया। उदय सिंह, ओमबीर आर्य, रामभूल सिंह, अख्तर दूधली, जगता, श्रवण, जोनी आर्य, कालू, सोनू राणा का सहयोग रहा।
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