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म्हाड़ी मेले का शुभारंभ, श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:29 AM IST
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भारतीय जीवन संस्कृति का दर्पण : स्वामी ओमानंद
मोरना। मोरना में जाहरवीर गोगा म्हाड़ी मेले के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि भागवत पीठ शुक्रताल अधिष्ठाता स्वामी ओमानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि मेले हमारी भारतीय जीवन और संस्कृति का सजीव दर्पण हैं। मेले हमारी आध्यात्मिक धार्मिक साधना के केेंद्र माने जाते हैं। श्रद्धालुओं ने म्हाड़ी पर छड़ी निशान चढ़ाकर पूजा अर्चना कर अपने परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी।
स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि जाहरवीर गोगा म्हाड़ी की मान्यता एक लोक देवता के रूप में है। समाज के सभी वर्गों में इनकी पूजा की जाती है। लोग इनकी म्हाड़ी पर मनोतिया लेकर मंगल गीत हुए जाते हैं। शहरी और ग्रामीण जनजीवन इस तरह रच बस गए हैं, जगह-जगह म्हाड़ी स्थापित हो गई। मेले लगने लगे तथा पूजा अर्चना होने लगी। मेले से सामाजिकता और एकता को बल मिलता है। इस मौके पर जानसठ व मोरना मार्ग पर मेला ग्राउंड के मुख्यद्वार पर स्वामी जी ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। इसके बाद म्हाड़ी पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच जाहरवीर गोगा देवता की पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाकर अनुयायियों के बीच लड्डू व केले के प्रसाद का वितरण किया। इस दौरान भाजपा नेता अमित राठी, प्रधान के पति शहजाद, सुंदर, सतबीर, आदेश, काला, मास्टर ऋषिपाल सिंह, बबलू यादव, रजनीश यादव आदि उपस्थित रहे। वहीं, म्हाड़ी पर प्रसाद चढ़ाने को लेकर ट्रैक्टर ट्रॉली, भैंसा बुग्गी, घोड़ा बुग्गी आदि निजी वाहनों से आए श्रद्धालुओं से मेले की रौनक बढ़ गई है। मेले में श्रद्धालुओं ने विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बच्चों तथा महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। मेले की सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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मोरना। मोरना में जाहरवीर गोगा म्हाड़ी मेले के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि भागवत पीठ शुक्रताल अधिष्ठाता स्वामी ओमानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि मेले हमारी भारतीय जीवन और संस्कृति का सजीव दर्पण हैं। मेले हमारी आध्यात्मिक धार्मिक साधना के केेंद्र माने जाते हैं। श्रद्धालुओं ने म्हाड़ी पर छड़ी निशान चढ़ाकर पूजा अर्चना कर अपने परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी।
स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि जाहरवीर गोगा म्हाड़ी की मान्यता एक लोक देवता के रूप में है। समाज के सभी वर्गों में इनकी पूजा की जाती है। लोग इनकी म्हाड़ी पर मनोतिया लेकर मंगल गीत हुए जाते हैं। शहरी और ग्रामीण जनजीवन इस तरह रच बस गए हैं, जगह-जगह म्हाड़ी स्थापित हो गई। मेले लगने लगे तथा पूजा अर्चना होने लगी। मेले से सामाजिकता और एकता को बल मिलता है। इस मौके पर जानसठ व मोरना मार्ग पर मेला ग्राउंड के मुख्यद्वार पर स्वामी जी ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। इसके बाद म्हाड़ी पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच जाहरवीर गोगा देवता की पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाकर अनुयायियों के बीच लड्डू व केले के प्रसाद का वितरण किया। इस दौरान भाजपा नेता अमित राठी, प्रधान के पति शहजाद, सुंदर, सतबीर, आदेश, काला, मास्टर ऋषिपाल सिंह, बबलू यादव, रजनीश यादव आदि उपस्थित रहे। वहीं, म्हाड़ी पर प्रसाद चढ़ाने को लेकर ट्रैक्टर ट्रॉली, भैंसा बुग्गी, घोड़ा बुग्गी आदि निजी वाहनों से आए श्रद्धालुओं से मेले की रौनक बढ़ गई है। मेले में श्रद्धालुओं ने विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बच्चों तथा महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। मेले की सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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