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जल्द एक छत के नीचे आयुष-एलोपैथ से इलाज
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:42 AM IST
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जल्द ही एक छत के नीचे होगा आयुष-एलोपैथ से इलाज
मुजफ्फरनगर। किराए के भवन में चल रहे आयुर्वेदिक अस्पतालों के दिन फिरने वाले हैं। इन अस्पतालों का प्रदेश सरकार ने ठिकाना बदलने का फरमान जारी किया है। किराये की बिल्डिंग को छोड़कर अब आयुर्वेदिक अस्पताल एलोपैथिक विभाग में शिफ्ट किए जाएंगे। जल्द एक ही छत के नीचे आयुष-एलोपैथी से रोगियों का इलाज होगा।
प्राथमिक-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों और चिकित्सकों के बिगड़ते अनुपात को संभालने के लिए प्रदेश सरकार जद्दोजहद कर रही है। इसके लिए आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और एलोपैथिक को एक साथ बैठाकर रोगियों का उपचार कराए जाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए ऐसे आयुर्वेदिक अस्पतालों का चुनाव किया गया है, जहां मरीजों की संख्या कम है, जिन्हें ऐसी सीएचसी-पीएचसी पर शिफ्ट किया जाएगा, जहां मरीज अधिक हैं और चिकित्सकों की संख्या कम है। इसको लेकर उन आयुष अस्पतालों को शिफ्ट करने की तैयारियां अंतिम प्रक्रिया में है, जो किराए के भवन में संचालित है। विभागी की जांच में शुक्रताल में दो अस्पताल, बुढ़ाना-टोड़ा कल्याणपुर में एक-एक है, जबकि खादरवाला और बसेड़ा में भी आयुर्वेदिक अस्पताल किराए की बिल्डिंग में चल रहे हैं। इन्हें जल्द ही शिफ्ट किया जाएगा। आयुर्वेदिक विंग के अलावा भी होम्योपैथिक विभाग से भी चिकित्सकों को सामुदायिक अस्पतालों में तैनात किया जाना है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ आशा बजाज ने बताया कि प्रथम उनके विभाग के छह अस्पतालों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर शिफ्ट किया जाएगा। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि एलोपैथ विभाग में आयुष, यूनानी चिकित्सकों और अस्पतालों को एक ही छत के नीचे शिफ्ट करने के निर्देश जारी हुए हैं। इसको लेकर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
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मुजफ्फरनगर। किराए के भवन में चल रहे आयुर्वेदिक अस्पतालों के दिन फिरने वाले हैं। इन अस्पतालों का प्रदेश सरकार ने ठिकाना बदलने का फरमान जारी किया है। किराये की बिल्डिंग को छोड़कर अब आयुर्वेदिक अस्पताल एलोपैथिक विभाग में शिफ्ट किए जाएंगे। जल्द एक ही छत के नीचे आयुष-एलोपैथी से रोगियों का इलाज होगा।
प्राथमिक-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों और चिकित्सकों के बिगड़ते अनुपात को संभालने के लिए प्रदेश सरकार जद्दोजहद कर रही है। इसके लिए आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और एलोपैथिक को एक साथ बैठाकर रोगियों का उपचार कराए जाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए ऐसे आयुर्वेदिक अस्पतालों का चुनाव किया गया है, जहां मरीजों की संख्या कम है, जिन्हें ऐसी सीएचसी-पीएचसी पर शिफ्ट किया जाएगा, जहां मरीज अधिक हैं और चिकित्सकों की संख्या कम है। इसको लेकर उन आयुष अस्पतालों को शिफ्ट करने की तैयारियां अंतिम प्रक्रिया में है, जो किराए के भवन में संचालित है। विभागी की जांच में शुक्रताल में दो अस्पताल, बुढ़ाना-टोड़ा कल्याणपुर में एक-एक है, जबकि खादरवाला और बसेड़ा में भी आयुर्वेदिक अस्पताल किराए की बिल्डिंग में चल रहे हैं। इन्हें जल्द ही शिफ्ट किया जाएगा। आयुर्वेदिक विंग के अलावा भी होम्योपैथिक विभाग से भी चिकित्सकों को सामुदायिक अस्पतालों में तैनात किया जाना है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ आशा बजाज ने बताया कि प्रथम उनके विभाग के छह अस्पतालों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर शिफ्ट किया जाएगा। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि एलोपैथ विभाग में आयुष, यूनानी चिकित्सकों और अस्पतालों को एक ही छत के नीचे शिफ्ट करने के निर्देश जारी हुए हैं। इसको लेकर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
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