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अनुमति लेकर ही बजाएं लाउडस्पीकर
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:33 AM IST
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मुजफ्फरनगर। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हरकत में आई प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों पर बिना अनुमति के बजने वाले लाउडस्पीकर पर रोक लगाई है। 15 जनवरी तक अनुमति ग्रहण करने की छूट दी गई है। इसके बाद प्रशासन मामले में कार्रवाई करेगा। वहीं, मामले को कुछ लोगों ने सांप्रदायिक बना लिया। इसको लेकर जमियत उलमा-ए-हिंद ने साफ किया है कि लाउडस्पीकर प्रकरण को सांप्रदायिक न बनाया जाए। यह सभी धर्मों के लिए निर्देश जारी हुए हैं।
लाउडस्पीकर बजाने के लिए अनुमति लेने के आदेश आते ही धार्मिक स्थलों के संचालकों में बेचैनी बढ़ गई है। धार्मिक स्थलों पर बनी समितियों ने भागदौड़ शुरू कर दी है। दिक्कत यह है कि आदेश जारी हो गए हैं, मगर अनुमति का प्रारूप फार्म किसी भी थाने, तहसील को उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिसके चलते थानों और कचहरी से धार्मिक स्थल संचालक बैरंग लौट गए। मामले को लेकर विशेष समुदाय में रोष के साथ सांप्रदायिकता जोर पकड़ गई है। इसको लेकर उलमा ने आनन-फानन में मीटिंग कर जांच की है। जमीयत उलमा ने मामले में गंभीरता दिखाई है। संगठन के जिला महासचिव कारी जाकिर हुसैन ने बताया कि उनके संगठन ने सभी मस्जिदों, इमाम के साथ बुद्धिजीवियों को अपील पत्र भेजा है। हालांकि अनुमति देने में प्रशासन, पुलिस गुमराह करते हैं तो संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा। उधर, अनुमति लिए जाने की तिथि को आगे बढ़वाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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लाउडस्पीकर बजाने के लिए अनुमति लेने के आदेश आते ही धार्मिक स्थलों के संचालकों में बेचैनी बढ़ गई है। धार्मिक स्थलों पर बनी समितियों ने भागदौड़ शुरू कर दी है। दिक्कत यह है कि आदेश जारी हो गए हैं, मगर अनुमति का प्रारूप फार्म किसी भी थाने, तहसील को उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिसके चलते थानों और कचहरी से धार्मिक स्थल संचालक बैरंग लौट गए। मामले को लेकर विशेष समुदाय में रोष के साथ सांप्रदायिकता जोर पकड़ गई है। इसको लेकर उलमा ने आनन-फानन में मीटिंग कर जांच की है। जमीयत उलमा ने मामले में गंभीरता दिखाई है। संगठन के जिला महासचिव कारी जाकिर हुसैन ने बताया कि उनके संगठन ने सभी मस्जिदों, इमाम के साथ बुद्धिजीवियों को अपील पत्र भेजा है। हालांकि अनुमति देने में प्रशासन, पुलिस गुमराह करते हैं तो संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा। उधर, अनुमति लिए जाने की तिथि को आगे बढ़वाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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