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जाट-मुस्लिमों के बीच होंगे समझौते: तोमर
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:42 AM IST
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गांव छोड़ चुके लोगों को वापस लाने की होगी कवायद
मुजफ्फरनगर। योजना आयोग के पूर्व सलाहकार और सपा नेता ओमवीर तोमर ने कहा कि 2013 में हुए दंगे के बाद अब माहौल बदल रहा है। दोनों ही पक्ष समझौता चाहते हैं। समझौते कराने के साथ गांव छोड़कर जा चुके लोगों को वापस बसाने का प्रयास किया जाएगा। माहौल सही करने में सभी दलों के लोगों का सहयोग मिल रहा है।
कोर्ट रोड पर एक रेस्टारेंट में पत्रकारों से वार्ता में ओमवीर तोमर ने कहा कि 2013 में किन्हीं परिस्थितियों वश जाट और मुसलमानों के बीच विवाद हो गया था। कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए ऐसा कराया। दोनों पक्षों का काफी नुकसान हुआ और दोनों ही आपसी सुलह चाहते हैं। मुलायम सिंह यादव ने पीड़ित पक्ष को मुख्यमंत्री के माध्यम से हर तरह की सहायता कराई। आर्थिक मदद के साथ रहने के लिए मकान दिए गए। अब डर-भय का माहौल समाप्त हो चुका है। हाल ही में काकड़ा, कुटबी, कुटबा, हड़ौली आदि गांवों के लोग मुलायम सिंह के पास गए थे। समझौते के प्रयास सफल होने शुरू हो गए हैं। यह कोई दलीय मुहिम नहीं है। सभी चाहते हैं कि आपसी सुलह हो। उन्होंने यह भी कहा कि माहौल बिगाड़ने में बीजेपी का रोल रहा है। तोमर ने कहा कि जो लोग घर और गांव छोड़कर गए हैं, उन्हें दोबारा वहीं बसाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब आपसी समझौते हो जाएंगे तो न्यायालयों में भी ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। कानून गवाह और सबूत के आधार पर काम करता है। राजबीर और सीताराम उनके साथ रहे।
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मुजफ्फरनगर। योजना आयोग के पूर्व सलाहकार और सपा नेता ओमवीर तोमर ने कहा कि 2013 में हुए दंगे के बाद अब माहौल बदल रहा है। दोनों ही पक्ष समझौता चाहते हैं। समझौते कराने के साथ गांव छोड़कर जा चुके लोगों को वापस बसाने का प्रयास किया जाएगा। माहौल सही करने में सभी दलों के लोगों का सहयोग मिल रहा है।
कोर्ट रोड पर एक रेस्टारेंट में पत्रकारों से वार्ता में ओमवीर तोमर ने कहा कि 2013 में किन्हीं परिस्थितियों वश जाट और मुसलमानों के बीच विवाद हो गया था। कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए ऐसा कराया। दोनों पक्षों का काफी नुकसान हुआ और दोनों ही आपसी सुलह चाहते हैं। मुलायम सिंह यादव ने पीड़ित पक्ष को मुख्यमंत्री के माध्यम से हर तरह की सहायता कराई। आर्थिक मदद के साथ रहने के लिए मकान दिए गए। अब डर-भय का माहौल समाप्त हो चुका है। हाल ही में काकड़ा, कुटबी, कुटबा, हड़ौली आदि गांवों के लोग मुलायम सिंह के पास गए थे। समझौते के प्रयास सफल होने शुरू हो गए हैं। यह कोई दलीय मुहिम नहीं है। सभी चाहते हैं कि आपसी सुलह हो। उन्होंने यह भी कहा कि माहौल बिगाड़ने में बीजेपी का रोल रहा है। तोमर ने कहा कि जो लोग घर और गांव छोड़कर गए हैं, उन्हें दोबारा वहीं बसाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब आपसी समझौते हो जाएंगे तो न्यायालयों में भी ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। कानून गवाह और सबूत के आधार पर काम करता है। राजबीर और सीताराम उनके साथ रहे।
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