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विधार्थियों को कराया यज्ञ पवित्र संस्कार
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:48 AM IST
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छपार। सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय एकता के लिए भारतीय संस्कृति का पालन करें। राष्ट्र प्रेम से बढ़कर कोई धर्म नही हैं। भारतीय संस्कृति और मूल्यों का पालन करने से देश विश्वशक्ति बनेगा। गुरुकुल में ही बच्चों का चरित्र निर्माण संभव है
गुरुकुल तेजलहेड़ा में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों को यज्ञपवित्र संस्कार कराया गया। मुख्य अतिथि भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्र प्रेम से बढ़कर कोई धर्म नहीं हैं। भारतीय संस्कृति और मूल्यों का पालन करने से देश विश्वशक्ति बनेगा। गुरुकुलों में वेदों की शिक्षा, देशभक्ति और अनुशासन सिखाया जाता है। गुरुकुल गौतमनगर दिल्ली से आए स्वामी प्रणवानंद ने कहा कि हमारी संस्कृति वेदों में निहित है। राम और श्रीकृष्ण गुरुकुल में पढ़कर महान बने थे। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि शिक्षा और संस्कारों से भावी पीढ़ी को योग्य नागरिक बनाएं।
गुरुकुल प्रबंधक आचार्य रघुवीर शास्त्री ने कहा कि समाज के नव निर्माण को वैदिक संस्कृति को अपनाना होगा। आर्य समाज की अमूल्य सेवाओं के लिए स्वामी प्रणवानंद सरस्वती का गुरुदत्त आर्य ने अभिनंदन किया। आर्य ने सांसद भारतेंद्र को सत्यार्थ प्रकाश ग्रंथ भेंट किया। यज्ञ डॉ. रघुवीर शास्त्री ने कराया। जिला पंचायत सदस्य छोटी बेगम, राकेश आडवाणी, आचार्य सुरेंद्र आर्य, प्रधान नरपत सिंह, ऋतुपर्ण आर्य ने भी विचार व्यक्त किए।
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गुरुकुल तेजलहेड़ा में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों को यज्ञपवित्र संस्कार कराया गया। मुख्य अतिथि भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्र प्रेम से बढ़कर कोई धर्म नहीं हैं। भारतीय संस्कृति और मूल्यों का पालन करने से देश विश्वशक्ति बनेगा। गुरुकुलों में वेदों की शिक्षा, देशभक्ति और अनुशासन सिखाया जाता है। गुरुकुल गौतमनगर दिल्ली से आए स्वामी प्रणवानंद ने कहा कि हमारी संस्कृति वेदों में निहित है। राम और श्रीकृष्ण गुरुकुल में पढ़कर महान बने थे। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि शिक्षा और संस्कारों से भावी पीढ़ी को योग्य नागरिक बनाएं।
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गुरुकुल प्रबंधक आचार्य रघुवीर शास्त्री ने कहा कि समाज के नव निर्माण को वैदिक संस्कृति को अपनाना होगा। आर्य समाज की अमूल्य सेवाओं के लिए स्वामी प्रणवानंद सरस्वती का गुरुदत्त आर्य ने अभिनंदन किया। आर्य ने सांसद भारतेंद्र को सत्यार्थ प्रकाश ग्रंथ भेंट किया। यज्ञ डॉ. रघुवीर शास्त्री ने कराया। जिला पंचायत सदस्य छोटी बेगम, राकेश आडवाणी, आचार्य सुरेंद्र आर्य, प्रधान नरपत सिंह, ऋतुपर्ण आर्य ने भी विचार व्यक्त किए।
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