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गन्ने के साथ सहफसली खेती करें: डीएम
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:20 AM IST
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गन्ने के साथ सहफसली खेती करें: डीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि हमारा जिला गन्ना उत्पादक है, जो गन्ना क्षेत्रफल एवं उत्पादन की दृष्टि से अपना शीर्ष पर स्थान रखता है। किसान सहफसली खेती कर गन्ने का साथ दूसरी फसल भी ले सकते हैं। अपनी पैदावार बढ़ाने के लिए मृदा परीक्षण करा कर और वैज्ञानिक पद्धति पर खेती करके लागत कम कर अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी में गन्ना कृषक गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जैव नियंत्रण समय की मांग है और पर्यावरण के लिए लाभकारी है। अंधाधुंध कीटनाशक के प्रयोग के कारण भूमि की उर्वरा क्षमता कम होती जा रही है और मिट्टी के अंदर पनपने वाले कीडे़ जो खेती के लिए हितकर है, वो समाप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल से प्रतिवर्ष लगभग 35 अरब रुपये जनपद में आता है। सीडीओ अर्चना वर्मा ने कहा कि जनपद के कृषक बहुत ही जागरूक है। जनपद गन्ना उत्पादन में अग्रणी है। कीटनाशक का कम से कम प्रयोग करे, पारंपरिक तरीकों से हटकर वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर खेती करना सुनिश्चित करें। कृषि वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र सिंह सरदार वल्लभ पटेल कृषि विश्वविद्यालय मोदीपुरम ने किसानों की सभी जिज्ञासाओं के उत्तर देते हुए किसानों की आय में वृद्धि करने के तरीके सुझाये। डीसीओ ओमप्रकाश यादव सहित सभी अधिकारी रहे।
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मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि हमारा जिला गन्ना उत्पादक है, जो गन्ना क्षेत्रफल एवं उत्पादन की दृष्टि से अपना शीर्ष पर स्थान रखता है। किसान सहफसली खेती कर गन्ने का साथ दूसरी फसल भी ले सकते हैं। अपनी पैदावार बढ़ाने के लिए मृदा परीक्षण करा कर और वैज्ञानिक पद्धति पर खेती करके लागत कम कर अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी में गन्ना कृषक गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जैव नियंत्रण समय की मांग है और पर्यावरण के लिए लाभकारी है। अंधाधुंध कीटनाशक के प्रयोग के कारण भूमि की उर्वरा क्षमता कम होती जा रही है और मिट्टी के अंदर पनपने वाले कीडे़ जो खेती के लिए हितकर है, वो समाप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल से प्रतिवर्ष लगभग 35 अरब रुपये जनपद में आता है। सीडीओ अर्चना वर्मा ने कहा कि जनपद के कृषक बहुत ही जागरूक है। जनपद गन्ना उत्पादन में अग्रणी है। कीटनाशक का कम से कम प्रयोग करे, पारंपरिक तरीकों से हटकर वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर खेती करना सुनिश्चित करें। कृषि वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र सिंह सरदार वल्लभ पटेल कृषि विश्वविद्यालय मोदीपुरम ने किसानों की सभी जिज्ञासाओं के उत्तर देते हुए किसानों की आय में वृद्धि करने के तरीके सुझाये। डीसीओ ओमप्रकाश यादव सहित सभी अधिकारी रहे।
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