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जेल के जेमर हुए फेल
Updated Fri, 04 May 2018 12:40 AM IST
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मुजफ्फरनगर। जिला कारागार के जैमर फेल हो गए हैं। वो 4-जी नेटवर्क को जाम करने में सफल नहीं हो पाए। जिसका फायदा उठा कर बंदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। दो माह पहले जेल से बंदियों की सेल्फी वायरल मामला भी शासन तक चर्चा का विषय बना था। बृृहस्पतिवार को डीआईजी जेल बरेली, रेडियो सिग्नल टीम के सदस्य और जैमर कंपनी के अधिकारियों ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। टीम ने 4-जी नेटवर्क को जाम करने पर गहन विचार विमर्श किया। जांच के दौरान जेल के जैमर मोबाइल फोन की रेंज रोकने में विफल पाए। अब जिला कारागार में नए जैमर लगवाने की कवायद शुरू होगी।
जिला कारागार में करीब दो साल पहले छह जैमर लगाए गए थे, ताकि जेल से संचालित मोबाइल फोन पर रोक लग सके। ये जैमर 3-जी मोबाइल रेंज को तो रोक रहे थे, मगर जब से 4- जी का नेटवर्क आया, तो ये फेल हो गए। क्योंकि जैमर केवल 3 जी का ही नेटवर्क रोक पाते हैं। दो माह पहले जिला कारागार से सोशल मीडिया पर अपलोड की गई बंदियों की सेल्फी से काफी चर्चा का विषय बना था। बृहस्पतिवार को डीआईजी जेल बरेली शशी श्रीवास्तव, रेडियो सिग्नल के अधिकारी, डीएसपी, जैमर कंपनी के अधिकारी शासन के आदेश पर यहां जिला कारागार पहुंचे। जेल अधीक्षक एके सक्सेना से जैमर के बारे में विस्तार से जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने बताया कि 4-जी नेटवर्क को रोकने में जैमर पूरी तरह नाकाम है। जब जेल में 4-जी नेटवर्क को रोकने के लिए कुछ और जैमर लगाए जाएंगे।
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जिला कारागार में करीब दो साल पहले छह जैमर लगाए गए थे, ताकि जेल से संचालित मोबाइल फोन पर रोक लग सके। ये जैमर 3-जी मोबाइल रेंज को तो रोक रहे थे, मगर जब से 4- जी का नेटवर्क आया, तो ये फेल हो गए। क्योंकि जैमर केवल 3 जी का ही नेटवर्क रोक पाते हैं। दो माह पहले जिला कारागार से सोशल मीडिया पर अपलोड की गई बंदियों की सेल्फी से काफी चर्चा का विषय बना था। बृहस्पतिवार को डीआईजी जेल बरेली शशी श्रीवास्तव, रेडियो सिग्नल के अधिकारी, डीएसपी, जैमर कंपनी के अधिकारी शासन के आदेश पर यहां जिला कारागार पहुंचे। जेल अधीक्षक एके सक्सेना से जैमर के बारे में विस्तार से जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने बताया कि 4-जी नेटवर्क को रोकने में जैमर पूरी तरह नाकाम है। जब जेल में 4-जी नेटवर्क को रोकने के लिए कुछ और जैमर लगाए जाएंगे।
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