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स्कूलों पर लगाम लगाना सराहनीय कदम
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:44 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
व्यापारियों ने प्रदेश सरकार के स्कूलों की फीस कंट्रोल किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। सरकार के इस फैसले से प्राइवेट स्कूलों में हो रही मनमानी पर अंकुश लगेगा।
उद्योग व्यापार संगठन की बैठक कुंदरपुरा स्थित कैम्प कार्यालय पर हुई। प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णगोपाल मित्तल ने कहा कि योगी सरकार ने जिस तरह से प्राइवेट स्कूलों पर लगाम लगाई है, वो काबिले तारीफ है। मुख्यमंत्री का यह कदम सराहनीय है। ये मुद्दा आज सामाजिक बन गया था। इस पर किसी भी सरकार ने कभी भी कोई निर्णय लेने का साहस नहीं दिखाया। योगी सरकार के इस कदम से हर वर्ग का परिवार लाभान्वित होगा। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के चलते महंगाई के इस दौर में किसी परिवार के लिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना सपना बनकर रह गया है। अब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की फीस, ड्रेस और अन्य मामलों में सशर्त पाबंदी लगा दी हैं। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र जारी कर स्कूलों ने कमाई का धंधा बना लिया था। इससे जनता की जेब पर डाका पड़ रहा था। नगराध्यक्ष राकेश त्यागी, ओमप्रकाश गुप्ता, सेवाराम गर्ग, बलविंद्र सिंह, फुरकान, भूरा कुरैशी, कादिर, प्रवीण जैन, अनिल सांझक, सुनील वर्मा, सुशील गोयल, पवन वर्मा, विजय कुच्छल, जयइंद्र प्रकाश, अनवर, बिट्टू, पवन अग्रवाल, शिवकुमार, सुनील तायल, जयपाल सिंह, रामअवतार, आसिफ, संजीव संगम, राजेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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व्यापारियों ने प्रदेश सरकार के स्कूलों की फीस कंट्रोल किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। सरकार के इस फैसले से प्राइवेट स्कूलों में हो रही मनमानी पर अंकुश लगेगा।
उद्योग व्यापार संगठन की बैठक कुंदरपुरा स्थित कैम्प कार्यालय पर हुई। प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णगोपाल मित्तल ने कहा कि योगी सरकार ने जिस तरह से प्राइवेट स्कूलों पर लगाम लगाई है, वो काबिले तारीफ है। मुख्यमंत्री का यह कदम सराहनीय है। ये मुद्दा आज सामाजिक बन गया था। इस पर किसी भी सरकार ने कभी भी कोई निर्णय लेने का साहस नहीं दिखाया। योगी सरकार के इस कदम से हर वर्ग का परिवार लाभान्वित होगा। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के चलते महंगाई के इस दौर में किसी परिवार के लिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना सपना बनकर रह गया है। अब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की फीस, ड्रेस और अन्य मामलों में सशर्त पाबंदी लगा दी हैं। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र जारी कर स्कूलों ने कमाई का धंधा बना लिया था। इससे जनता की जेब पर डाका पड़ रहा था। नगराध्यक्ष राकेश त्यागी, ओमप्रकाश गुप्ता, सेवाराम गर्ग, बलविंद्र सिंह, फुरकान, भूरा कुरैशी, कादिर, प्रवीण जैन, अनिल सांझक, सुनील वर्मा, सुशील गोयल, पवन वर्मा, विजय कुच्छल, जयइंद्र प्रकाश, अनवर, बिट्टू, पवन अग्रवाल, शिवकुमार, सुनील तायल, जयपाल सिंह, रामअवतार, आसिफ, संजीव संगम, राजेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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