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उन्नति के लिए बड़ों का सम्मान जरुरी
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:38 AM IST
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उन्नति के लिए बड़ों का सम्मान जरूरी
मुजफ्फरनगर। योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि हमें अपनी आत्मा की आवाज पर चलना चाहिए। हमारी आत्मा सत्य तथा असत्य को जानने वाली है फिर भी हम स्वार्थवश, ईर्ष्यावश या दुराग्रहवश अपनी आत्मा की आवाज को दबा देते हैं और आत्मा के विरुद्ध किया गया कार्य ही पाप और अधर्म है।
योग साधिका अलका बालियान के आवास पर किशोर बालक एवं बालिका चरित्र निर्माण योजना के अंतर्गत वेद मंत्रों के साथ यज्ञ किया गया। आर्य ने कहा कि बच्चों को चाहिए कि वह सुबह जल्दी सोकर उठें और अपने माता-पिता के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें। परिश्रम द्वारा अपने जीवन को उन्नत बनाएं। भारतीय योग संस्थान के जिला प्रधान पवन सिंह बालियान ने कहा कि हमें अपने बच्चों की उचित देखभाल करनी चाहिए। संस्कार विहीन संतान समाज के अभिशाप होती है। सेवानिवृत्त शिक्षक विजय गौतम ने कहा कि बालकों को अपने माता-पिता तथा गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर धर्मवीर धीमान, संजय बालियान, संदीप पुंडीर, अर्चना सिंह , अलका बालियान आदि उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरनगर। योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि हमें अपनी आत्मा की आवाज पर चलना चाहिए। हमारी आत्मा सत्य तथा असत्य को जानने वाली है फिर भी हम स्वार्थवश, ईर्ष्यावश या दुराग्रहवश अपनी आत्मा की आवाज को दबा देते हैं और आत्मा के विरुद्ध किया गया कार्य ही पाप और अधर्म है।
योग साधिका अलका बालियान के आवास पर किशोर बालक एवं बालिका चरित्र निर्माण योजना के अंतर्गत वेद मंत्रों के साथ यज्ञ किया गया। आर्य ने कहा कि बच्चों को चाहिए कि वह सुबह जल्दी सोकर उठें और अपने माता-पिता के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें। परिश्रम द्वारा अपने जीवन को उन्नत बनाएं। भारतीय योग संस्थान के जिला प्रधान पवन सिंह बालियान ने कहा कि हमें अपने बच्चों की उचित देखभाल करनी चाहिए। संस्कार विहीन संतान समाज के अभिशाप होती है। सेवानिवृत्त शिक्षक विजय गौतम ने कहा कि बालकों को अपने माता-पिता तथा गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर धर्मवीर धीमान, संजय बालियान, संदीप पुंडीर, अर्चना सिंह , अलका बालियान आदि उपस्थित रहे।
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